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Jamshedpur : डेंटल कॉलेज के पास दर्दनाक सड़क हादसा, सिक्योरिटी गार्ड की मौत

  • दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल
  • एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रमोद कुंडू को मृत घोषित किया
  • जमशेदपुर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर लोगों में चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित डेंटल कॉलेज के पास मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में भिलाई पहाड़ी निवासी 35 वर्षीय प्रमोद कुंडू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुखियाडांगा निवासी विशाल और मोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार प्रमोद कुंडू उलिडीह ओपी के पास स्थित संजीविनी नेत्रालय नरसिंह होम में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को ड्यूटी खत्म कर वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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तेज रफ्तार और लापरवाही बन रही सड़क हादसों की बड़ी वजह

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने प्रमोद कुंडू को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल और मोनू का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। इधर, प्रमोद कुंडू की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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Jadugoda : तूरामडीह यूसिल प्रबंधन के खिलाफ ग्राम सभा ने खोला मोर्चा

10 ठेका मजदूरों को हटाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित

  • 10 ठेका मजदूरों को हटाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित तूरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट में यूसिल प्रबंधन की कथित दमनकारी नीति के खिलाफ आसपास के प्रभावित और विस्थापित गांवों की ग्राम सभाओं ने मोर्चा खोल दिया है। नान्दूप और तूरामडीह ग्राम सभा के ग्रामीणों में उस समय आक्रोश फैल गया जब क्षेत्र के 10 ठेका मजदूरों को कार्य से हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावित गांवों के लोगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। मजदूरों को हटाए जाने के विरोध में ग्रामीण अब आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।

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झामुमो नेता बाघराय मार्डी से आंदोलन को मिला समर्थन

ग्रामीणों ने झामुमो जिला मुख्य संयोजक एवं जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी से मुलाकात कर आंदोलन के लिए समर्थन मांगा। इस दौरान बाघराय मार्डी ने आरोप लगाया कि यूसिल के संरक्षण में कुछ कर्मियों और कथित गुर्गों द्वारा ठेका मजदूरों से अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने मांग की कि हटाए गए 10 ठेका मजदूरों को तत्काल बहाल किया जाए, अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही तूरामडीह में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों को गोलबंद किया जाएगा और उसके बाद आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

Jamshedpur : सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्ज़ेम्प्लर अवार्ड 2026 के विजेताओं की घोषणा

जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाली महिलाओं को मिला राष्ट्रीय सम्मान सामाजिक बदलाव में महिलाओं की भागीदारी को मिल रही

  • जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाली महिलाओं को मिला राष्ट्रीय सम्मान
  • सामाजिक बदलाव में महिलाओं की भागीदारी को मिल रही नई पहचान
  • महिला नेतृत्व को मजबूत करने के लिए बढ़ रहे संस्थागत प्रयास
  • देशभर में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहलें

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : CII वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्ज़ेम्प्लर अवार्ड 2026 के विजेताओं की घोषणा की गई। भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि ये महिलाएं केवल राह दिखाने वाली नेता नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त वाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद ऐसे मॉडल विकसित किए हैं, जिनका समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मंत्री ने विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि जिस आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ उन्होंने अपने विचार प्रस्तुत किए, वह बेहद प्रेरणादायक है। सीआईआई फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन असाधारण ज़मीनी महिला नेताओं को सम्मानित करता है, जो हाशिए पर पड़े समुदायों से आकर समाज में परिवर्तन की मिसाल पेश कर रही हैं।

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देशभर से चुनी गईं चार महिला नेताओं को मिला सम्मान

इस वर्ष मध्य प्रदेश के इंदौर की क्रांति को ‘सामुदायिक सशक्तिकरण’ श्रेणी, हरियाणा के नूंह की जसमीन हुसैन को ‘शिक्षा’ श्रेणी, तमिलनाडु के सेलम की शालिनी को ‘स्वास्थ्य’ श्रेणी और महाराष्ट्र के कोल्हापुर की अरुंधति पाटिल को ‘सूक्ष्म-उद्यम’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। प्रत्येक विजेता को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के लिए देशभर से कुल 347 नामांकन प्राप्त हुए थे। एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल ने उम्मीदवारों के नेतृत्व, सामाजिक प्रभाव और बड़े स्तर पर बदलाव लाने की क्षमता के आधार पर अंतिम चयन किया। कार्यक्रम के दौरान CII के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि इन महिलाओं की संघर्ष और सफलता की कहानियां वास्तव में प्रेरणादायक हैं और यही कहानियां भारत में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।

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महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में CII की पहल जारी

कार्यक्रम में CII के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि ये ज़मीनी स्तर की महिला नेता हर वर्ष समाज के सबसे कमजोर वर्गों के दो लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘वुमन एक्ज़ेम्प्लर प्रोग्राम’ का उद्देश्य समाज के निचले स्तर से उभरकर नेतृत्व की मिसाल बनने वाली महिलाओं की पहचान करना, उन्हें प्रोत्साहित करना और आगे बढ़ाना है। CII का मानना है कि सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर से लेकर कॉर्पोरेट जगत तक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने और अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सहयोग प्रदान किया जाता है।

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देशभर की 150 से अधिक महिला नेताओं का बना सशक्त नेटवर्क

‘वुमन एक्ज़ेम्प्लर प्रोग्राम’ के 2026 बैच में देशभर से 20 ज़मीनी महिला नेताओं को शामिल किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक परिवर्तन का कार्य कर रही हैं। ये सभी महिलाएं अब 150 से अधिक महिला नेताओं के राष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन चुकी हैं, जो हर साल मिलकर 20 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। CII फाउंडेशन इन महिला नेताओं को लगातार प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और सामाजिक प्रभाव बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रहा है। संस्था का उद्देश्य इन महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज के कमजोर वर्गों तक विकास और जागरूकता की रोशनी पहुंचाना है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महिला नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन की इस पहल की सराहना की।

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नब्बे दिवसीय अभियान के तहत छात्रों को कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी बाल अधिकार और सुरक्षा को लेकर जागरूकता

  • नब्बे दिवसीय अभियान के तहत छात्रों को कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी
  • बाल अधिकार और सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा चलाए जा रहे 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को आदिवासी +2 उच्च विद्यालय, सीतारामडेरा में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड, मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल श्रम, डायन प्रथा, घरेलू हिंसा तथा शिशु प्रोजेक्ट स्कीम सहित कई महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

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पीएलवी सदस्यों ने छात्रों को किया जागरूक

कार्यक्रम में पीएलवी के रूप में जोबा रानी बास्के, संजय कुमार तिवारी, परशिष्ट मरांडी, सुनीता कुमारी और सुनीता मिश्रा उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करते हुए समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

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डिग्री कॉलेज मनोहरपुर में विभाग स्थानांतरण के विरोध में छात्रों ने सौंपा ज्ञापन नई शिक्षा नीति के क्लस्टर सिस्टम को

  • डिग्री कॉलेज मनोहरपुर में विभाग स्थानांतरण के विरोध में छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
  • नई शिक्षा नीति के क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों में बढ़ी चिंता
  • ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा सुविधाओं को बनाए रखने की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर स्थित डिग्री कॉलेज में भूगोल विभाग को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू हो रहे क्लस्टर सिस्टम को लेकर विद्यार्थियों ने कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि भूगोल विभाग को डिग्री कॉलेज मनोहरपुर में ही पूर्ववत संचालित रखा जाए। छात्रों का कहना है कि मनोहरपुर जैसे ग्रामीण और जनजातीय बहुल क्षेत्र में उच्च शिक्षा पहले से ही बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में विभाग को हटाकर विद्यार्थियों को जेएलएन कॉलेज भेजने का निर्णय उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। विद्यार्थियों ने कहा कि इस फैसले से कई छात्रों को प्रतिदिन 80 से 125 किलोमीटर तक सफर करना पड़ेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संभव नहीं है।

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छात्राओं की सुरक्षा और पढ़ाई छूटने की आशंका को लेकर जताई चिंता

छात्र-छात्राओं ने ज्ञापन में कहा कि लंबी दूरी तय कर दूसरे शहर में पढ़ाई करना खासकर छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा परिवहन, रहने और खाने का अतिरिक्त खर्च भी परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगा। विद्यार्थियों ने आशंका जताई कि यदि भूगोल विभाग को कॉलेज से हटाया गया तो कई छात्र-छात्राओं को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है। उन्होंने कुलपति से मांग की कि क्षेत्र की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभाग को मनोहरपुर कॉलेज में ही संचालित रखा जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि मनोहरपुर विधायक जगत माझी और सिंहभूम सांसद जोबा मांझी को भी भेजी गई है। इस दौरान झामुमो छात्र मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष गोवर्धन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Potka : वैशाख माह के अंतिम मंगलवार पर कलिकापुर में राहगीरों की सेवा, बांटा गया चना-गुड़ और शरबत

भीषण गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को पहुंचाई राहत गांवों में सामाजिक सहयोग और सेवा कार्यों की बढ़

  • भीषण गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों को पहुंचाई राहत
  • गांवों में सामाजिक सहयोग और सेवा कार्यों की बढ़ रही परंपरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड अंतर्गत कलिकापुर में वैशाख माह के अंतिम मंगलवार को भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच राहगीरों एवं स्थानीय लोगों के लिए सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले यात्रियों के बीच चना-गुड़ और ठंडे शरबत का वितरण किया गया। तेज गर्मी में शरबत और चना-गुड़ पाकर लोगों ने राहत महसूस की तथा आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कलिकापुर के पूर्व मुखिया होपना मोहाली सहित कई ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर राहगीरों को गर्मी से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह सेवा कार्य किया। सड़क से गुजरने वाले लोगों ने आयोजनकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए इसे सराहनीय पहल बताया।

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भीषण गर्मी में जनसेवा कार्यों के जरिए लोगों को मिल रही राहत

पूर्व मुखिया होपना मोहाली ने कहा कि इन दिनों बढ़ती गर्मी और तपती धूप के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, इसलिए राहगीरों को थोड़ी राहत पहुंचाने और सेवा भावना के उद्देश्य से चना-गुड़ एवं शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद करना हम सभी की जिम्मेदारी है। गर्मी के मौसम में इस प्रकार के आयोजन न केवल लोगों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और भविष्य में भी ऐसे जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया।

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चांडिल और रसूनिया पंचायत में बड़े संगठित फर्जीवाड़े की आशंका, प्रशासन जांच में जुटा कई स्तर के सत्यापन के बावजूद

  • चांडिल और रसूनिया पंचायत में बड़े संगठित फर्जीवाड़े की आशंका, प्रशासन जांच में जुटा
  • कई स्तर के सत्यापन के बावजूद जारी हुए फर्जी प्रमाण पत्र
  • फर्जी प्रमाण पत्र मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत रसूनिया एवं चांडिल पंचायत में लगभग 750 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के आदेश पर चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने दावा किया है कि अब तक की जांच में रसूनिया पंचायत से 471 और चांडिल पंचायत से 279 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आशंका जताई कि जांच आगे बढ़ने पर यह संख्या और भी बढ़ सकती है। मामले को लेकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे एक बड़े संगठित घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।

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झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के मामलों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ी

राकेश रंजन महतो ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन किया जाता है। आवेदन पत्र पर मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और आंगनबाड़ी सेविका का सत्यापन आवश्यक होता है। इसके साथ ही आवेदक का आधार कार्ड, स्थानीय गवाही और अन्य जरूरी दस्तावेज संलग्न किए जाते हैं। इसके बाद पंचायत सचिव द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है तथा अंत में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) की स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इतने कड़े सत्यापन तंत्र के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र जारी होना संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है। आरोप है कि बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने और सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से फायदा दिलाने के उद्देश्य से यह फर्जीवाड़ा किया गया। जानकारी के अनुसार गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग समेत कई जिलों और अन्य राज्यों के लोगों के नाम पर भी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

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सरकारी योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर मंडराया खतरा, उच्च स्तरीय जांच की मांग

फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी योजनाओं, आवास, पुनर्वास, छात्रवृत्ति और अन्य लाभों में बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है। इससे वास्तविक गरीब और स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। राकेश रंजन महतो ने कहा कि ऐसे दस्तावेजों के आधार पर फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी, आरक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी लोगों के नाम पर दस्तावेज निर्गत होने से राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन ने मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अब तक जारी सभी संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच कर उन्हें तत्काल निरस्त करने तथा इसमें शामिल बिचौलियों, कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई है।

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