मुखिया देवी कुमारी भूमिज की शिकायत पर प्रदूषण विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
जल छिड़काव, तिरपाल ढंकने और ओवरलोडिंग रोकने के दिए गए निर्देश
पांच वर्षों से प्रदूषण की समस्या झेल रहे ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड अंतर्गत हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग से फैल रहे प्रदूषण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की चिंता अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गई है। पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज ने प्रदूषण विभाग से लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण तक पत्र भेजकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में कहा गया था कि रेलवे साइडिंग में लोडिंग-अनलोडिंग और ओवरलोडिंग परिवहन के कारण भारी मात्रा में धूलकण फैल रहे हैं। हाता-ओड़िशा मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों स्कूली बच्चों और यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं होने से लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि धूल प्रदूषण के कारण लोग श्वसन संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं और आसपास का वातावरण लगातार दूषित होता जा रहा है।
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प्रदूषण विभाग ने रेलवे साइडिंग पहुंचकर की जांच

शिकायत के बाद प्रदूषण विभाग की टीम ने रेलवे साइडिंग पहुंचकर विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण विभाग के कनीय अभियंता मोहम्मद आफताब आलम ने रेलवे साइडिंग और परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ठेकेदार को नियमित जल छिड़काव करने, स्टॉक प्वाइंट को तिरपाल से ढंकने, बाउंड्री वॉल निर्माण कराने और ओवरलोडिंग रोकने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर आगे कार्रवाई भी की जा सकती है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें जल्द समाधान का भरोसा दिया।
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ग्रामीणों ने रेलवे साइडिंग और धर्म कांटा बंद करने की उठाई मांग
मुखिया देवी कुमारी भूमिज और जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से रेलवे साइडिंग और धर्म कांटा से फैल रहे प्रदूषण ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। उन्होंने बताया कि धूलकणों के कारण घर के बाहर सोना, कपड़े सुखाना और यहां तक कि बाहर उगाई गई सब्जियों का सेवन करना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों ने रेलवे साइडिंग एवं धर्म कांटा को बंद करने की मांग दोहराई। इस मौके पर संजय राय, कमलेश राय सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे और प्रशासन से शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग की।




























