Share

Jamshedpur : पूर्व छात्र नेता जाकिर अली की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग तेज

  • परिजनों और परिचितों ने एसएसपी से की हस्तक्षेप की अपील
  • आत्महत्या की प्रारंभिक आशंका पर उठे सवाल, वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो स्थित पुरुलिया रोड निवासी एवं पूर्व छात्र नेता जाकिर अली की हाल ही में हुई मौत को लेकर अब निष्पक्ष और गहन जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है। जाकिर अली की मौत को पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन उनके परिवार, मित्रों और लंबे समय से उन्हें जानने वाले परिचितों ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को एक आवेदन सौंपकर आजादनगर थाना पुलिस को मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। आवेदनकर्ताओं का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध सभी साक्ष्यों, परिस्थितियों और तकनीकी तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका मानना है कि केवल प्रारंभिक परिस्थितियों के आधार पर मौत के कारण को तय करना उचित नहीं होगा और मामले की हर कड़ी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परखा जाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Gua : दूसरी सोमवारी पर गुवा के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

नदी में शव मिलने की परिस्थितियों को लेकर उठे सवाल, तैराकी क्षमता का दिया गया हवाला

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि करीब एक सप्ताह पूर्व मानगो क्षेत्र के लक्ष्मण नगर के समीप एक व्यक्ति के नदी में डूबने अथवा शव मिलने की सूचना सामने आई थी। बाद में नदी के तेज बहाव के कारण शव बहकर मोहरदा क्षेत्र की ओर चला गया और अंततः बिरसानगर थाना क्षेत्र में बरामद किया गया। पुलिस इस घटना को आत्महत्या की दिशा में देख रही है, लेकिन जाकिर अली के परिचितों का कहना है कि वे एक अच्छे तैराक थे। आवेदनकर्ताओं ने बताया कि वे वर्ष 2009 से जाकिर अली और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं तथा कई बार उन्हें डिमना लेक में लंबे समय तक तैराकी करते देखा है। ऐसे में नदी में डूबकर आत्महत्या की संभावना को लेकर उनके मन में कई सवाल उत्पन्न हो रहे हैं। उनका कहना है कि इस पहलू की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और मामले को केवल एक ही संभावना तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Gua : लिखित समझौता लागू कराने की मांग पर सारंडा में उग्र आंदोलन, रांजाबुरु खदान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम

शरीर पर कथित चोट के निशानों की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग

एसएसपी को दिए गए आवेदन में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि शव की एक आंख के पास चोट अथवा जख्म, चेहरे के एक हिस्से पर चोट के निशान और जीभ बाहर निकली हुई अवस्था में होने जैसी बातें सामने आई हैं। हालांकि इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही संभव होगी। आवेदनकर्ताओं ने मांग की है कि यदि पोस्टमार्टम अथवा अन्य चिकित्सकीय परीक्षणों में शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान पाए जाते हैं, तो उनके कारणों की वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच कराई जाए। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की व्यापक समीक्षा के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया है कि जांच एजेंसियां हर तथ्य को निष्पक्ष रूप से परखें ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : गोलमुरी में दर्दनाक सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत

मोबाइल रिकॉर्ड, अंतिम संपर्क और सीसीटीवी फुटेज की जांच पर जोर

आवेदनकर्ताओं ने मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट, मैसेज और अंतिम संपर्कों की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि मौत से पहले जाकिर अली किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी अंतिम गतिविधियां क्या थीं, इसकी जानकारी जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा मृतक के ऑटो अथवा वाहन की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग भी की गई है। आवेदन में कहा गया है कि यह पता लगाया जाए कि वह अंतिम बार वाहन लेकर कहां गए थे और उस दौरान उनके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे। साथ ही घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर उनके आने-जाने के रास्तों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का मानना है कि तकनीकी साक्ष्य इस मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : Chandil : संपत्ति विवाद में पोते ने दादी पर किया जानलेवा हमला, टीएमएच में उपचार के दौरान मौत

किसी पर आरोप नहीं, बल्कि सच्चाई और न्याय की मांग

परिजनों और परिचितों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि जाकिर अली की मौत की वास्तविक वजह सामने लाना है। उन्होंने घटनास्थल और शव बरामद होने वाले स्थान का दोबारा निरीक्षण कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता लेने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी के बहाव, शव मिलने की स्थिति, कथित घटना स्थल और उपलब्ध परिस्थितियों का गहन अध्ययन किया जाना चाहिए। आवेदनकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करेगा। उनका मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा रिपोर्ट, मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष साक्ष्यों की समग्र जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आत्महत्या की पुष्टि होती है तो वह भी तथ्यों और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर सामने आनी चाहिए, जबकि किसी अन्य परिस्थिति के संकेत मिलने पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Leave a Comment

Jamshedpur : सड़क सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति नहीं करे जिला पुलिस – अप्पू तिवारी

गोलमुरी सड़क हादसे के बाद आजसू नेता ने ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग

  • गोलमुरी सड़क हादसे के बाद आजसू नेता ने ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद आजसू पार्टी के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला पुलिस और ट्रैफिक विभाग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं यह संकेत देती हैं कि शहर में यातायात सुरक्षा को लेकर और गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। अप्पू तिवारी ने गोलमुरी ट्रैफिक थाना प्रभारी से मुलाकात कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहले से पहचान कर वहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : करनडीह और कुदादा क्षेत्र में विधिक जागरूकता अभियान, लोगों को बताए गए कानूनी अधिकार

दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानी, तेज रफ्तार वाहनों पर हो कार्रवाई

अप्पू तिवारी ने मांग की कि गोलमुरी समेत शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों और दुर्घटना संभावित सड़कों पर नियमित ट्रैफिक जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई, गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर नियंत्रण, अवैध पार्किंग पर रोक तथा पर्याप्त ट्रैफिक संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की आशंका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हो, तब हादसे का इंतजार करना प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा। उनके अनुसार, किसी परिवार का सदस्य दुर्घटना में जान गंवा दे, उसके बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले से प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं ताकि हादसों को रोका जा सके।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : छात्रों पर लाठीचार्ज और नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला – रघुवर दास

सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग, परिजनों के प्रति जताई संवेदना

आजसू नेता ने कहा कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में प्रतिदिन हजारों लोग सड़कों पर आवागमन करते हैं, ऐसे में यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही आम लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने जिला पुलिस से केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के साथ-साथ ट्रैफिक सिग्नल, स्ट्रीट लाइट, सड़क संकेतक और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी भी जरूरी है। अप्पू तिवारी ने प्रशासन से ठोस कदम उठाकर सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की तथा गोलमुरी हादसे में मृतक की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

Jamshedpur : करनडीह और कुदादा क्षेत्र में विधिक जागरूकता अभियान, लोगों को बताए गए कानूनी अधिकार

डालसा की टीम ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता सेवाओं की दी जानकारी जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जिला

  • डालसा की टीम ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता सेवाओं की दी जानकारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), न्याय सदन, सिविल कोर्ट जमशेदपुर के सचिव के निर्देश पर प्रखंड सह अंचल कार्यालय जमशेदपुर, स्थायी आधार केंद्र, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), करनडीह चौक एवं कुदादा चौक में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डालसा की एलएडीसी योगिता कुमारी, पीएलवी सह अधिकार मित्र अरुण रजक, सुनील पांडेय, शंकर गोराई, सूरज कुमार, राजेश राव, सुनीता झा, चेतन नायक, परशेष मरांडी एवं सुबोध कुमार ने लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सेवाओं के प्रति जागरूक किया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि जरूरतमंद लोग उनका लाभ उठा सकें।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : छात्रों पर लाठीचार्ज और नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला – रघुवर दास

बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में डालसा के गठन, उद्देश्य, सेवाओं और भूमिका के अलावा स्थायी लोक अदालत, लोक अदालत, बाल अधिकार, बाल तस्करी, बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, बाल श्रम निषेध कानून तथा बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही घरेलू हिंसा, डायन प्रथा, नशा उन्मूलन, साइबर अपराध एवं सुरक्षा, आपदा और दुर्घटना मुआवजा योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को नालसा की निःशुल्क कानूनी सलाह हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181, साइबर हेल्पलाइन 1930 और एल्डर हेल्पलाइन 14567 की जानकारी भी दी गई।

Jamshedpur : छात्रों पर लाठीचार्ज और नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला – रघुवर दास

रांची की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सरकार को घेरा, युवाओं की मांगों पर संवाद की वकालत जेबी लाइव,

  • रांची की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सरकार को घेरा, युवाओं की मांगों पर संवाद की वकालत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री Raghubar Das ने रांची में आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi समेत एनडीए विधायकों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। रघुवर दास ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए, न कि पुलिस बल के जरिए आंदोलनों को दबाने का प्रयास करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : न्याय सदन में तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

युवाओं की आवाज दबाने से नहीं, समस्याओं के समाधान से बनेगा विश्वास

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लाठी के बल पर युवाओं की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने कहा कि जितना अधिक किसी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाएगा, वह उतनी ही मजबूती से सामने आएगी। उनके अनुसार, झारखंड का युवा आज अपने भविष्य, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। ऐसे में सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उन्हें डराने या बल प्रयोग के माध्यम से आंदोलन समाप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इसे भी पढ़ें : Potka : पण्डियासाई की मुख्य सड़क सात महीने जलमग्न, आवागमन में भारी परेशानी

झारखंड संवाद और लोकतंत्र से चलेगा”, सरकार से मांगा जवाब

रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं को नुकसान पहुंचाने से बचे। उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता कब सुनिश्चित होगी, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कब होगी और युवाओं को न्याय कब मिलेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड लाठी से नहीं, बल्कि संवाद, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनभागीदारी से आगे बढ़ेगा।

Jamshedpur : न्याय सदन में तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की अवधारणा को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर के न्याय

  • वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की अवधारणा को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के न्याय सदन कॉन्फ्रेंस हॉल में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तीन दिवसीय आधारभूत सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम 8 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में आयोजित किया गया। नालसा की पायलट परियोजना “सामुदायिक मध्यस्थता : वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर” के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में चयनित सामुदायिक मध्यस्थों को ग्रामीण एवं सामुदायिक स्तर पर उत्पन्न होने वाले विवादों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदायों में संवाद और सहमति आधारित समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देना रहा।

इसे भी पढ़ें : Potka : पण्डियासाई की मुख्य सड़क सात महीने जलमग्न, आवागमन में भारी परेशानी

मध्यस्थता की प्रक्रिया, निष्पक्षता और संवाद कौशल पर मिला विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को मध्यस्थता की अवधारणा, प्रक्रिया, मध्यस्थ की भूमिका, निष्पक्षता, तटस्थता, गोपनीयता, सक्रिय श्रवण और प्रभावी संवाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पक्षकारों के हितों की पहचान कर समाधान के विभिन्न विकल्पों तक पहुंचने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने के लिए केस स्टडी, भूमिका-अभिनय (रोल प्ले) और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में विवाद समाधान की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।

इसे भी पढ़ें : Gua : रांजाबुरु खदान में आर्थिक नाकेबंदी के बीच सेल प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता

छोटे विवादों के स्थानीय समाधान से घटेंगे मुकदमे, प्रशिक्षकों ने साझा किए अनुभव

प्रशिक्षकों ने बताया कि मध्यस्थ का कार्य किसी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में निर्णय देना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचाने में मदद करना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवादों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित करना और अनावश्यक मुकदमों की संख्या को कम करना है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी सहित प्रशिक्षक के.के. सिन्हा, तरित वरण कर, राजेश दास एवं कृष्णा जी प्रसाद उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को न्याय सुलभता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Potka : पण्डियासाई की मुख्य सड़क सात महीने जलमग्न, आवागमन में भारी परेशानी

जलजमाव से छात्र, बुजुर्ग और ग्रामीण परेशान, बरसात में घरों तक पहुंच रहा पानी जेबी लाइव, रिपोर्टर पोटका : पोटका

  • जलजमाव से छात्र, बुजुर्ग और ग्रामीण परेशान, बरसात में घरों तक पहुंच रहा पानी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड की कोवाली पंचायत अंतर्गत पण्डियासाई गांव में जलजमाव की समस्या ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष के लगभग सात महीने तक गांव की मुख्य सड़क पानी में डूबी रहती है, जिससे लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित होता है। सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों और दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब सड़क पर जमा पानी आसपास के घरों तक पहुंच जाता है। लगातार जलजमाव के कारण कई परिवारों को असुविधा झेलनी पड़ रही है, जबकि मिट्टी के घरों में नमी बढ़ने से उनके कमजोर होने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बना हुआ है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : 24 वर्षों की आस्था संग बाबा धाम रवाना हुआ नवयुवक कांवरिया संघ का जत्था, अमरप्रीत सिंह काले ने दी शुभकामनाएं

सड़क और नाली निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सड़क और नाली निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। सूचना मिलने पर समाजसेवी दुखनी सोरेन और शंकर मुंडा गांव पहुंचे तथा जलजमाव वाले क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राजेश बास्के और सौरभ कुमार भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मांग की कि जल्द से जल्द सड़क और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या से उन्हें राहत मिल सके और गांव का सामान्य जनजीवन सुचारु रूप से चल सके।

Jamshedpur : 24 वर्षों की आस्था संग बाबा धाम रवाना हुआ नवयुवक कांवरिया संघ का जत्था, अमरप्रीत सिंह काले ने दी शुभकामनाएं

सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर

  • सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर से नवयुवक कांवरिया संघ, टाटानगर का पावन कांवरिया जत्था श्रद्धा, भक्ति और आस्था की 24 वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। जत्थे की रवानगी से पहले भुइयांडीह स्थित रक्षा काली मंदिर, भालूबासा स्थित श्री श्री विजय बजरंग मंदिर एवं जंबू अखाड़ा तथा पारडीह काली मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। कांवरिया बंधुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी यात्रा का शुभारंभ किया। यह जत्था बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करेगा और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेगा। श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।

इसे भी पढ़ें : Gua : रांजाबुरु खदान में आर्थिक नाकेबंदी के बीच सेल प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता

आस्था, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है कांवर यात्रा : अमरप्रीत सिंह काले

दिल्ली प्रवास पर होने के कारण भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने दूरभाष के माध्यम से नवयुवक कांवरिया संघ के सभी सदस्यों और कांवरिया बंधुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 24 वर्षों से निरंतर जारी यह पवित्र यात्रा केवल जल अर्पण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और सनातन संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नवयुवक कांवरिया संघ द्वारा वर्षों से इस परंपरा को पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। अमरप्रीत सिंह काले ने बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना करते हुए सभी कांवरियों की सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा समस्त ब्रह्मांड और सभी भक्तों पर सदैव बनी रहे।

इसे भी पढ़ें : Potka : एक सप्ताह से अंधेरे में सीधाडीह के 30 परिवार, ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

उत्साह और भक्ति के साथ रवाना हुआ जत्था, बड़ी संख्या में शामिल हुए शिवभक्त

कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में जूगुन पांडे, बिभाष मजूमदार, जय प्रकाश सिंह, मनीष सिंह, संजय संघी, रवि मंडल, अमित पोद्दार, संतोष मांझी, सागर चौबे, सूरज चौबे, अभिषेक पांडे, बॉबी सिंह, ब्रजेश, गौतम मोदक, प्रणय दास, सौरव रजक, विजय शर्मा, समीर राय, शुभम, राहुल और अन्य अनेक शिवभक्त शामिल हैं। यात्रा शुरू होने से पहले सभी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे वातावरण में “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। कांवरिया बंधुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से उनकी यात्रा सफल होगी और वे सुरक्षित रूप से देवघर पहुंचकर जलाभिषेक कर सकेंगे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने समाज, राज्य और देश की खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top