Gua : सेल गुवा माइंस में बेदखली कार्रवाई शुरू, जाटाहाटिंग में स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
नानक नगर जाटाहाटिंग एवं आसपास के क्षेत्रों से अनधिकृत निवासियों को हटाने के लिए मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में कार्रवाई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :सेल गुवा माइंस ने स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित बेदखली नोटिस के अनुरूप नानक नगर जाटाहाटिंग एवं आसपास के क्षेत्रों से अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई के लिए मनोज कुमार, अंचल अधिकारी (सीओ) नोवामुंडी को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। मौके पर सेल स्टेट विभाग के महाप्रबंधक के साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 50 पुलिसकर्मी, सीआईएसएफ जवान एवं निजी सुरक्षाकर्मी तैनात थे। महाप्रबंधक (स्टेट) ने मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार माइकिंग सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए।
बेदखली कार्रवाई की सूचना मिलते ही जाटाहाटिंग क्षेत्र के करीब 200 से अधिक पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर कंपनी की मौजूदगी का विरोध करने लगे। रोहित सिंह, दारा ठाकुर सहित अन्य स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई कि कंपनी ने निवासियों को आवंटन सूची में पूरी तरह शामिल नहीं किया है और आवंटित आवास आकार में बहुत छोटे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे क्षेत्र का पुनः सर्वेक्षण कराने की भी मांग की।
मजिस्ट्रेट ने सुझाव दिया लिखित मांगें सौंपने का विकल्प
इस पर जीएम (स्टेट) ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई आवंटन सूची के आधार पर ही आवास आवंटित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से विस्थापित नहीं हो रहा है और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ही बेदखली कार्रवाई आवश्यक है। स्थानीय लोगों की बातें सुनने के बाद मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने उन्हें अपनी सभी मांगें संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में सौंपने की सलाह दी और आगे की कार्रवाई उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के निर्देशों के अनुरूप करने का आश्वासन दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने गुमला के चैनपुर पहुंचकर दिवंगत आदिवासी नेत्री को दी श्रद्धांजलि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा
पूर्व मुख्यमंत्री ने गुमला के चैनपुर पहुंचकर दिवंगत आदिवासी नेत्री को दी श्रद्धांजलि
पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग
आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करने की अपील
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुमला :झारखंड की आदिवासी नेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय निशा कुमारी भगत की आत्महत्या को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस घटना को हेमंत सोरेन सरकार के माथे पर कलंक बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच कराने की मांग की है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड पहुंचे और दिवंगत निशा भगत के अंतिम यात्रा (मिट्टी कार्यक्रम) में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रघुवर दास ने कहा कि निशा भगत की असमय मृत्यु अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और झकझोर देने वाली घटना है। यह केवल एक महिला की मृत्यु का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और आदिवासी समाज के अधिकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी महिला को यदि अपनी जमीन, संस्कृति और समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए इस तरह असहाय महसूस करना पड़े, तो यह पूरे शासन-प्रशासन के लिए चिंताजनक स्थिति है।
निशा भगत की मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि निशा भगत ने अपने अंतिम वीडियो में राज्य सरकार, पुलिस-प्रशासन और कथित जमीन माफियाओं पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आदिवासी समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर प्रशासन गंभीर क्यों नहीं है? जमीन माफियाओं के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? निशा भगत द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? रघुवर दास ने कहा कि निशा भगत सरना-सनातन संस्कृति, आदिवासी अस्मिता, पारंपरिक रीति-रिवाज और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही थीं। उनका संघर्ष व्यक्तिगत नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की आवाज को दबाने और उसके अधिकारों की लड़ाई को कुचलने के आरोप बेहद गंभीर हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आदिवासी समाज के आरक्षण, धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी संवैधानिक प्रावधानों एवं ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता जताई।
अंतिम वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग, जमीन माफियाओं पर उठाए सवाल
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि निशा भगत की आत्महत्या से जुड़े पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध सीबीआई जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि निशा भगत ने अपने अंतिम वीडियो में जिन लोगों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, उनकी भी गहन जांच होनी चाहिए। जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं जमीन घोटाले के मामले में आरोपों का सामना कर चुके हैं, इसलिए इस प्रकरण में जनता और पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराना जरूरी है। रघुवर दास ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार जल्द से जल्द सीबीआई जांच की अनुशंसा करेगी, ताकि निशा भगत की मौत से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
निशा भगत मामले में सीबीआई जांच की मांग, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार के सामने पीड़ित परिवार के लिए पांच प्रमुख मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि दिवंगत निशा भगत के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे और जमीन माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। आदिवासी महिलाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। साथ ही निशा भगत द्वारा अपने अंतिम वीडियो और अन्य माध्यमों से उठाए गए सभी मुद्दों पर सरकार सार्वजनिक रूप से जवाब दे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की महिलाओं को अपनी जमीन, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करते समय सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जमीन संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करे और पीड़ितों को न्याय दिलाए। उन्होंने इन मांगों को केवल एक परिवार की सहायता तक सीमित न बताते हुए आदिवासी समाज के व्यापक हितों से जुड़ा विषय बताया।
पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग
रघुवर दास ने कहा कि निशा भगत का संघर्ष और उनके द्वारा उठाए गए सवाल व्यर्थ नहीं जाने चाहिए। उनकी मृत्यु से जुड़े प्रत्येक सवाल का जवाब सामने आना चाहिए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आदिवासी समाज से अपील की कि अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा, धार्मिक पहचान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के वास्तविक अधिकारों और हितों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निशा भगत को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल उनके परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा सवाल है। सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। अंत में उन्होंने दिवंगत निशा भगत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए और उनके संघर्ष को याद रखा जाएगा।
करकेट्टा डैम, शिव मंदिर और भीमखंदा में पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना के विकास का प्राक्कलन
करकेट्टा डैम, शिव मंदिर और भीमखंदा में पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना के विकास का प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश
पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्रामीणों को मिलेगा आजीविका का अवसर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला :सरायकेला-खरसावां जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने जिले के तीन अलग-अलग प्रखंडों में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कुचाई प्रखंड के करकेट्टा डैम, खरसावां प्रखंड के शिव मंदिर तथा राजनगर प्रखंड के भीमखंदा पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं और पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पर्यटन स्थल की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक विशेषताओं तथा धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास की योजना तैयार की जाए। उन्होंने जिला पर्यटन पदाधिकारी सह जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार को इन स्थलों के विकास तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक कार्यों का आकलन कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया।
करकेट्टा डैम, शिव मंदिर और भीमखंदा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए बैठने एवं विश्राम करने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालय, पार्किंग और पहुंच पथ जैसी सुविधाओं की आवश्यकता का आकलन किया जाए। इसके अलावा स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए सौंदर्यीकरण, आकर्षक लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, व्यू-प्वाइंट तथा बैठने की समुचित व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा। पर्यटकों के मनोरंजन से संबंधित सुविधाओं को भी विकास योजना में शामिल करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाएं केवल कागजी नहीं, बल्कि स्थल की वास्तविक जरूरतों और व्यावहारिकता के अनुरूप तैयार होनी चाहिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, पार्किंग और लाइटिंग की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास करने का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जिले में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होने से इन स्थानों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थलों की आवश्यकता के अनुरूप विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मिट्टी के दीयों, रंग-बिरंगे घरौंदों और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की बढ़ी मांग पटाखा दुकानों पर भी बच्चों और युवाओं का
मिट्टी के दीयों, रंग-बिरंगे घरौंदों और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की बढ़ी मांग
पटाखा दुकानों पर भी बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर
धनतेरस के करोड़ों के कारोबार से सरायकेला के व्यापारियों में उत्साह
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला :रोशनी के महापर्व दीपावली को लेकर सरायकेला शहर में उत्साह और उमंग का माहौल है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों और चौराहों तक दीपावली की रौनक देखते ही बन रही है। बाजारों में सजी रंग-बिरंगी दुकानों, मिट्टी के दीयों और सजावटी सामानों ने त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है। स्थानीय कुम्हारों एवं दुकानदारों द्वारा लगाई गई दीयों की दुकानें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस बार लोग चाइनीज इलेक्ट्रिक लाइटों के साथ-साथ पारंपरिक देसी मिट्टी के दीयों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा रंग-बिरंगे घरौंदे, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां और दीपावली की सजावट से जुड़ी सामग्री की भी अच्छी मांग है। ग्राहकों की खरीदारी से स्थानीय कुम्हारों में भी उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार पारंपरिक मिट्टी के दीयों की अच्छी बिक्री होगी।
सरायकेला में मिट्टी के दीयों और पारंपरिक सजावटी सामानों की बढ़ी मांग
दीपावली के उल्लास को दोगुना करने के लिए शहर का पटाखा बाजार भी पूरी तरह सजकर तैयार है। विभिन्न बाजारों में फूलझड़ी, अनार, चकरी, रॉकेट और रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाले फैंसी पटाखों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पटाखों की खरीदारी के लिए बच्चों और युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। शाम ढलते ही बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल बढ़ जा रही है। दुकानदारों ने भी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के पटाखे और सजावटी सामान उपलब्ध कराए हैं। बाजार में त्योहार को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
फूलझड़ी, अनार और रॉकेट की दुकानों पर बच्चों की उमड़ी भीड़
व्यापारियों को इस बार दीपावली पर बेहतर कारोबार होने की उम्मीद है। धनतेरस के अवसर पर सरायकेला के मुख्य बाजार में करोड़ों रुपये के कारोबार के साथ जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली थी। धनतेरस पर मिली अच्छी प्रतिक्रिया से दुकानदारों का उत्साह भी बढ़ा है। अब दीपावली को लेकर बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज हो गया है। लोग घरों को सजाने, पूजा की तैयारियों और त्योहार से जुड़ी जरूरी वस्तुओं की खरीदारी में जुटे हैं। पारंपरिक दीयों की मांग और पटाखों की दुकानों पर उमड़ती भीड़ ने शहर के व्यापारिक माहौल में नई रौनक भर दी है। कुल मिलाकर दीपावली के उल्लास में सरायकेला का बाजार पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
समय पर इलाज मिलने से फुलमनी मुंडू की हालत खतरे से बाहर, चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा उपचार समय
समय पर इलाज मिलने से फुलमनी मुंडू की हालत खतरे से बाहर, चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा उपचार
समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला की जान बची, इलाज जारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत नुईया गांव में शुक्रवार देर शाम जहरीले सांप के डसने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की पहचान फुलमनी मुंडू के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से महिला को तत्काल गुवा स्थित सेल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने बिना देर किए उसका उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने के कारण फिलहाल महिला की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घटना के संबंध में घायल महिला फुलमनी मुंडू ने बताया कि शुक्रवार शाम वह अपने घर से निकलकर पड़ोस के घर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में अनजाने में उसका पैर एक सांप पर पड़ गया। इससे सांप ने उसके पैर में डस लिया।
घर से निकलते समय सांप पर पड़ा महिला का पैर, हुई घटना
घटना के तुरंत बाद महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला को डसने वाला सांप रसेल वाइपर होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि इस प्रजाति के सांप के शरीर पर सफेद और पीले रंग के गोलाकार चूड़ी जैसे निशान होते हैं। हालांकि, सांप की प्रजाति की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि सांप के काटने की घटना के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है। फिलहाल फुलमनी मुंडू का गुवा सेल अस्पताल में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों की तत्परता और ग्रामीणों की मदद से महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी, जिससे उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में आदिवासी हो समाज युवा महासभा और नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन की पहल नई पीढ़ी को मातृभाषा
बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में आदिवासी हो समाज युवा महासभा और नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन की पहल
नई पीढ़ी को मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर
हो समाज की सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बड़ाजामदा/गुवा :बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासी समुदाय के बीच आदिवासी हो समाज युवा महासभा एवं नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत हो समाज की पारंपरिक भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक पहचान के प्रचार-प्रसार एवं विकास को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी हो समाज की मातृभाषा, सांस्कृतिक विरासत और मूल परंपराओं को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी को अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना है। प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को अपनी भाषा-संस्कृति के महत्व से अवगत कराते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
आदिवासी हो समाज की मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने की अपील
इस अवसर पर सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी मातृभाषा, पारंपरिक रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार और सांस्कृतिक विरासत को बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से समाज की भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और विकास का नेतृत्व करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि अपनी भाषा और परंपराओं को जीवित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी, जगन्नाथपुर अनुमंडल उपाध्यक्ष पुतकर लागुरी, प्रभारी माधव चंद्र कोड़ा, रोया बोबोंगा, नुरी चातोम्बा, डिबा चातोम्बा, सुनील चातोम्बा, सुमी चाम्पिया, यशमती बोबोंगा, सोनाफूलो चातोम्बा, मोटु मुंडरी और किशोर बोबोंगा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को मिली राहत जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की पहल पर धनतेरस
15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को मिली राहत
जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की पहल पर धनतेरस के दिन बहाल हुई विद्युत आपूर्ति
धनतेरस पर बिजली बहाल होने से बिरसा नगर में खुशी का माहौल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :पश्चिमी सिंहभूम जिले के बिरसा नगर के ग्रामीणों के लिए धनतेरस का त्योहार खुशियों की सौगात लेकर आया। पिछले 15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे करीब 200 परिवारों के घरों में नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद फिर से रोशनी लौट आई। दीपावली से ठीक पहले बिजली आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अंधेरे में रहने को मजबूर परिवारों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
ट्रांसफार्मर जलने से 15 दिनों से अंधेरे में डूबा था बिरसा नगर
ज्ञात हो कि सेल प्रबंधन की ओर से विस्थापन के बाद बिरसा नगर के ग्रामीणों के लिए नए आवास बनाकर करीब 200 परिवारों को बसाया गया था। इन परिवारों को सरकारी स्तर पर बिजली की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन लगभग 15 दिन पहले अचानक ट्रांसफार्मर जल जाने से पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार बिजली संकट से ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही थी।
ग्रामीणों की शिकायत पर जिप सदस्य देवकी कुमारी ने की पहल
बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने अपनी समस्या नोवामुंडी भाग-1 की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी के समक्ष रखी। ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के एसडीओ से संपर्क किया और क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। उनके प्रयास से शुक्रवार को धनतेरस के दिन बिरसा नगर में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। त्योहार के मौके पर बिजली लौटने से करीब 200 परिवारों को बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और आभार व्यक्त किया।