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Seraikela : नीमडीह के पुरीयारा गांव में अवैध शराब भट्टी ध्वस्त, 50 लीटर शराब जब्त

  • उत्पाद विभाग की छापेमारी में 600 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट, भट्टी संचालक अरुण गोप फरार
  • अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन के खिलाफ उत्पाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त के निर्देशानुसार अधीक्षक उत्पाद के नेतृत्व में शनिवार, 7 नवंबर 2026 को जिले में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी क्रम में उत्पाद विभाग की टीम ने नीमडीह थाना क्षेत्र के पुरीयारा गांव में छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित एक चुलाई शराब भट्टी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके से 50 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई, जबकि शराब बनाने के लिए तैयार लगभग 600 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, छापामार दल को देखते ही भट्टी संचालक मौके से फरार हो गया। विभाग की टीम ने अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी नष्ट किया।

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उत्पाद विभाग की छापेमारी में अवैध शराब भट्टी का भंडाफोड़

उत्पाद विभाग के अनुसार, अवैध शराब भट्टी का संचालन अरुण गोप द्वारा किया जा रहा था। उसके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग फरार संचालक की भूमिका को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटा है। इस संबंध में अधीक्षक उत्पाद ने कहा कि जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा करना है। उत्पाद विभाग ने आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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Seraikela : सरायकेला-खरसावां के तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा विकास, उपायुक्त ने किया निरीक्षण

करकेट्टा डैम, शिव मंदिर और भीमखंदा में पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना के विकास का प्राक्कलन

  • करकेट्टा डैम, शिव मंदिर और भीमखंदा में पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
  • सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना के विकास का प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश
  • पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्रामीणों को मिलेगा आजीविका का अवसर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने जिले के तीन अलग-अलग प्रखंडों में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कुचाई प्रखंड के करकेट्टा डैम, खरसावां प्रखंड के शिव मंदिर तथा राजनगर प्रखंड के भीमखंदा पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं और पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पर्यटन स्थल की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक विशेषताओं तथा धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास की योजना तैयार की जाए। उन्होंने जिला पर्यटन पदाधिकारी सह जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार को इन स्थलों के विकास तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक कार्यों का आकलन कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया।

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करकेट्टा डैम, शिव मंदिर और भीमखंदा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए बैठने एवं विश्राम करने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालय, पार्किंग और पहुंच पथ जैसी सुविधाओं की आवश्यकता का आकलन किया जाए। इसके अलावा स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए सौंदर्यीकरण, आकर्षक लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, व्यू-प्वाइंट तथा बैठने की समुचित व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा। पर्यटकों के मनोरंजन से संबंधित सुविधाओं को भी विकास योजना में शामिल करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाएं केवल कागजी नहीं, बल्कि स्थल की वास्तविक जरूरतों और व्यावहारिकता के अनुरूप तैयार होनी चाहिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

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पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, पार्किंग और लाइटिंग की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास करने का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जिले में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होने से इन स्थानों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थलों की आवश्यकता के अनुरूप विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Seraikela : दीपावली की रौनक से जगमगाया सरायकेला, दीयों और पटाखों के बाजार में उमड़ी भीड़

मिट्टी के दीयों, रंग-बिरंगे घरौंदों और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की बढ़ी मांग पटाखा दुकानों पर भी बच्चों और युवाओं का

  • मिट्टी के दीयों, रंग-बिरंगे घरौंदों और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की बढ़ी मांग
  • पटाखा दुकानों पर भी बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर
  • धनतेरस के करोड़ों के कारोबार से सरायकेला के व्यापारियों में उत्साह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : रोशनी के महापर्व दीपावली को लेकर सरायकेला शहर में उत्साह और उमंग का माहौल है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों और चौराहों तक दीपावली की रौनक देखते ही बन रही है। बाजारों में सजी रंग-बिरंगी दुकानों, मिट्टी के दीयों और सजावटी सामानों ने त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है। स्थानीय कुम्हारों एवं दुकानदारों द्वारा लगाई गई दीयों की दुकानें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस बार लोग चाइनीज इलेक्ट्रिक लाइटों के साथ-साथ पारंपरिक देसी मिट्टी के दीयों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा रंग-बिरंगे घरौंदे, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां और दीपावली की सजावट से जुड़ी सामग्री की भी अच्छी मांग है। ग्राहकों की खरीदारी से स्थानीय कुम्हारों में भी उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार पारंपरिक मिट्टी के दीयों की अच्छी बिक्री होगी।

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सरायकेला में मिट्टी के दीयों और पारंपरिक सजावटी सामानों की बढ़ी मांग

दीपावली के उल्लास को दोगुना करने के लिए शहर का पटाखा बाजार भी पूरी तरह सजकर तैयार है। विभिन्न बाजारों में फूलझड़ी, अनार, चकरी, रॉकेट और रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाले फैंसी पटाखों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पटाखों की खरीदारी के लिए बच्चों और युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। शाम ढलते ही बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल बढ़ जा रही है। दुकानदारों ने भी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के पटाखे और सजावटी सामान उपलब्ध कराए हैं। बाजार में त्योहार को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।

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फूलझड़ी, अनार और रॉकेट की दुकानों पर बच्चों की उमड़ी भीड़

व्यापारियों को इस बार दीपावली पर बेहतर कारोबार होने की उम्मीद है। धनतेरस के अवसर पर सरायकेला के मुख्य बाजार में करोड़ों रुपये के कारोबार के साथ जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली थी। धनतेरस पर मिली अच्छी प्रतिक्रिया से दुकानदारों का उत्साह भी बढ़ा है। अब दीपावली को लेकर बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज हो गया है। लोग घरों को सजाने, पूजा की तैयारियों और त्योहार से जुड़ी जरूरी वस्तुओं की खरीदारी में जुटे हैं। पारंपरिक दीयों की मांग और पटाखों की दुकानों पर उमड़ती भीड़ ने शहर के व्यापारिक माहौल में नई रौनक भर दी है। कुल मिलाकर दीपावली के उल्लास में सरायकेला का बाजार पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

Gua  : नुईया गांव में जहरीले सांप ने महिला को डसा, सेल अस्पताल में भर्ती

समय पर इलाज मिलने से फुलमनी मुंडू की हालत खतरे से बाहर, चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा उपचार समय

  • समय पर इलाज मिलने से फुलमनी मुंडू की हालत खतरे से बाहर, चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा उपचार
  • समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला की जान बची, इलाज जारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत नुईया गांव में शुक्रवार देर शाम जहरीले सांप के डसने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की पहचान फुलमनी मुंडू के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से महिला को तत्काल गुवा स्थित सेल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने बिना देर किए उसका उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने के कारण फिलहाल महिला की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घटना के संबंध में घायल महिला फुलमनी मुंडू ने बताया कि शुक्रवार शाम वह अपने घर से निकलकर पड़ोस के घर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में अनजाने में उसका पैर एक सांप पर पड़ गया। इससे सांप ने उसके पैर में डस लिया।

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घर से निकलते समय सांप पर पड़ा महिला का पैर, हुई घटना

घटना के तुरंत बाद महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला को डसने वाला सांप रसेल वाइपर होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि इस प्रजाति के सांप के शरीर पर सफेद और पीले रंग के गोलाकार चूड़ी जैसे निशान होते हैं। हालांकि, सांप की प्रजाति की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि सांप के काटने की घटना के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है। फिलहाल फुलमनी मुंडू का गुवा सेल अस्पताल में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों की तत्परता और ग्रामीणों की मदद से महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी, जिससे उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

Badajamda/Gua : हो समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान

बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में आदिवासी हो समाज युवा महासभा और नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन की पहल नई पीढ़ी को मातृभाषा

  • बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में आदिवासी हो समाज युवा महासभा और नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन की पहल
  • नई पीढ़ी को मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर
  • हो समाज की सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बड़ाजामदा/गुवा : बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासी समुदाय के बीच आदिवासी हो समाज युवा महासभा एवं नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत हो समाज की पारंपरिक भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक पहचान के प्रचार-प्रसार एवं विकास को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी हो समाज की मातृभाषा, सांस्कृतिक विरासत और मूल परंपराओं को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी को अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना है। प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को अपनी भाषा-संस्कृति के महत्व से अवगत कराते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

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आदिवासी हो समाज की मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने की अपील

इस अवसर पर सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी मातृभाषा, पारंपरिक रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार और सांस्कृतिक विरासत को बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से समाज की भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और विकास का नेतृत्व करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि अपनी भाषा और परंपराओं को जीवित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी, जगन्नाथपुर अनुमंडल उपाध्यक्ष पुतकर लागुरी, प्रभारी माधव चंद्र कोड़ा, रोया बोबोंगा, नुरी चातोम्बा, डिबा चातोम्बा, सुनील चातोम्बा, सुमी चाम्पिया, यशमती बोबोंगा, सोनाफूलो चातोम्बा, मोटु मुंडरी और किशोर बोबोंगा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Gua : धनतेरस पर बिरसा नगर को मिला नया ट्रांसफार्मर, 200 परिवारों के घरों में लौटी रोशनी

15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को मिली राहत जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की पहल पर धनतेरस

  • 15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों को मिली राहत
  • जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की पहल पर धनतेरस के दिन बहाल हुई विद्युत आपूर्ति
  • धनतेरस पर बिजली बहाल होने से बिरसा नगर में खुशी का माहौल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बिरसा नगर के ग्रामीणों के लिए धनतेरस का त्योहार खुशियों की सौगात लेकर आया। पिछले 15 दिनों से बिजली संकट झेल रहे करीब 200 परिवारों के घरों में नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद फिर से रोशनी लौट आई। दीपावली से ठीक पहले बिजली आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अंधेरे में रहने को मजबूर परिवारों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

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ट्रांसफार्मर जलने से 15 दिनों से अंधेरे में डूबा था बिरसा नगर

ज्ञात हो कि सेल प्रबंधन की ओर से विस्थापन के बाद बिरसा नगर के ग्रामीणों के लिए नए आवास बनाकर करीब 200 परिवारों को बसाया गया था। इन परिवारों को सरकारी स्तर पर बिजली की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन लगभग 15 दिन पहले अचानक ट्रांसफार्मर जल जाने से पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार बिजली संकट से ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही थी।

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ग्रामीणों की शिकायत पर जिप सदस्य देवकी कुमारी ने की पहल

बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने अपनी समस्या नोवामुंडी भाग-1 की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी के समक्ष रखी। ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के एसडीओ से संपर्क किया और क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। उनके प्रयास से शुक्रवार को धनतेरस के दिन बिरसा नगर में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। त्योहार के मौके पर बिजली लौटने से करीब 200 परिवारों को बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और आभार व्यक्त किया।

Dhalbhumgarh : विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने मुगली सबर के परिजनों को दी आर्थिक सहायता

प्रसव के बाद गर्भवती महिला की हुई थी मौत आदिम जनजाति उत्थान मंच के प्रतिनिधियों ने रावतपाड़ा पहुंचकर परिवार को

  • प्रसव के बाद गर्भवती महिला की हुई थी मौत
  • आदिम जनजाति उत्थान मंच के प्रतिनिधियों ने रावतपाड़ा पहुंचकर परिवार को दी मदद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

धालभूमगढ़ : प्रखंड क्षेत्र के रावतपाड़ा गांव निवासी छोटू सबर की पत्नी मुगली सबर का प्रसव के बाद निधन हो गया। घटना की जानकारी आदिम जनजाति उत्थान मंच के जिला अध्यक्ष लोबीन सबर ने विधायक सोमेश चंद्र सोरेन को दी और पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद का अनुरोध किया। मामले की जानकारी मिलने पर विधायक ने परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर गुरुवार को आदिम जनजाति उत्थान मंच के जिला अध्यक्ष लोबीन सबर अपनी टीम के साथ रावतपाड़ा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने मृतका के पति छोटू सबर एवं अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही परिवार की स्थिति की जानकारी ली और नवजात शिशु का हालचाल जाना।

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मुगली सबर के निधन से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस दौरान विधायक सोमेश चंद्र सोरेन की ओर से उपलब्ध कराई गई सहयोग राशि जिला अध्यक्ष लोबीन सबर ने मृतका के परिजनों को सौंपी। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस मौके पर झामुमो नेता गौरांग माहली, आदिम जनजाति उत्थान मंच के जिला सह सचिव शीतल सबर, प्रखंड सचिव गोबिंद सबर, शुरू सबर, सेवा ही धर्म के सदस्य सुभाष मान्डी, बबलू हांसदा, सारुल मान्डी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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