भागलपुर पुल घटना को लेकर सियासत तेज, विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बिहार : तेजस्वी यादव ने भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के गिरने की घटना पर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को भ्रष्टाचार का नतीजा बताते हुए कहा कि यह “भ्रष्टाचार की समाधि” है। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस पुल को पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था और उन्होंने पिछले महीने ही सरकार को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया था, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सौभाग्यवश इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, वरना स्थिति और भयावह हो सकती थी।
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विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार में पिछले दो वर्षों में 100 से अधिक पुल और पुलिया गिर चुके हैं, जो राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार अपने “भ्रष्ट तंत्र” को बचाने में लगी रहती है और जनता की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रही है। इस घटना के समय पुल पर कई वाहन मौजूद थे, लेकिन संयोग से कोई भी मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन ने तुरंत पुल को बंद कर यातायात रोक दिया।
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पुल हादसों को लेकर बढ़ी चिंता
वहीं, चंद्रशेखर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरा है, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि पुल का रखरखाव राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग के अंतर्गत आता है और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तकनीकी जांच के लिए टीम भेजी गई है और आईआईटी पटना से भी सहयोग मांगा गया है। प्रशासन वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर काम कर रहा है और सीमा सड़क संगठन तथा सेना से भी सहायता लेने पर विचार किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द आवागमन बहाल किया जा सके।






















