रोजगार विवाद को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन में बढ़ा तनाव
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित सेल खदान में रोजगार को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। 18 गांवों के ग्रामीणों और सेल प्रबंधन के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद ग्रामीणों ने 11 मई से खदान को अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान कर दिया है। इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। बताया गया कि 18 गांवों के मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों ने 20 अप्रैल 2026 को स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर खदान का संचालन ठप कर दिया था। उनकी मुख्य मांग गुवा सेल परियोजना में कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की थी। पहले प्रबंधन ने 5 मई को बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद संचालन अस्थायी रूप से शुरू किया गया था।
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बैठक में सिर्फ 25 नौकरी का प्रस्ताव, ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

निर्धारित कार्यक्रम के तहत 5 मई को गुवा सेल कार्यालय में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, 18 गांवों के मुंडा-मानकी और अन्य ग्रामीण प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में रोजगार मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन प्रबंधन की ओर से केवल 25 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव से असंतुष्ट होकर मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों और मधु कोड़ा ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उनका कहना था कि 500 युवाओं की मांग के मुकाबले यह प्रस्ताव स्थानीय हितों की अनदेखी है। बैठक के बाद प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी गई और उन्होंने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया।
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11 मई से खदान बंद का ऐलान, बढ़ सकता है आंदोलन
बैठक विफल होने के बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए 11 मई से गुवा स्थित सेल खदान को अनिश्चितकालीन बंद करने की घोषणा कर दी। इस निर्णय के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और असंतोष का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी 500 लोगों को रोजगार देने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, मुखिया चांदमनी लागुरी, मुंडा कानूराम देवगम और मांगता सुरीन सहित 18 गांवों के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।























