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Ranchi : 11 हजार सहायक आचार्यों का वेतन विवाद, 9 माह से भुगतान नहीं मिलने का दावा

  • संघ ने उठाए सवाल, शिक्षा विभाग ने बताया प्रक्रिया लंबित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

रांची : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक संघ के सचिव मैनेजर सिंह ने आरोप लगाया है कि राज्य के करीब 11 हजार सहायक आचार्यों को पिछले 9 महीनों से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों की आर्थिक स्थिति गंभीर होती जा रही है। सहायक आचार्यों ने बैंक से डीडी बनाकर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में जमा भी किया था, लेकिन इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। यहां तक कि जमा किए गए डीडी भी कई शिक्षकों को वापस लौटने लगे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को भी आवेदन भेजा गया है, जिसमें जल्द समाधान की मांग की गई है।

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जिला शिक्षा अधीक्षक ने वेतन प्रक्रिया को बताया तकनीकी और लंबित

इस मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने सफाई देते हुए कहा कि रांची जिले में कुल 666 सहायक आचार्य कार्यरत हैं और 9 महीने से वेतन न मिलने की बात सही नहीं है। उन्होंने बताया कि सहायक आचार्यों की नियुक्ति और पोस्टिंग वर्ष 2025 में हुई है और वेतन प्रक्रिया अभी तकनीकी जांच में है। दस्तावेजों की जांच संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय स्तर पर भेजी गई है। साथ ही जीपीएस नंबर और भविष्य निधि पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा होते ही और जीपीएस नंबर जनरेट होते ही वेतन भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।

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रोजगार विवाद को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन में बढ़ा तनाव जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा

  • रोजगार विवाद को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन में बढ़ा तनाव

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित सेल खदान में रोजगार को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। 18 गांवों के ग्रामीणों और सेल प्रबंधन के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद ग्रामीणों ने 11 मई से खदान को अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान कर दिया है। इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। बताया गया कि 18 गांवों के मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों ने 20 अप्रैल 2026 को स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर खदान का संचालन ठप कर दिया था। उनकी मुख्य मांग गुवा सेल परियोजना में कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की थी। पहले प्रबंधन ने 5 मई को बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद संचालन अस्थायी रूप से शुरू किया गया था।

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बैठक में सिर्फ 25 नौकरी का प्रस्ताव, ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

निर्धारित कार्यक्रम के तहत 5 मई को गुवा सेल कार्यालय में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, 18 गांवों के मुंडा-मानकी और अन्य ग्रामीण प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में रोजगार मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन प्रबंधन की ओर से केवल 25 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव से असंतुष्ट होकर मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों और मधु कोड़ा ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उनका कहना था कि 500 युवाओं की मांग के मुकाबले यह प्रस्ताव स्थानीय हितों की अनदेखी है। बैठक के बाद प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी गई और उन्होंने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया।

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11 मई से खदान बंद का ऐलान, बढ़ सकता है आंदोलन

बैठक विफल होने के बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए 11 मई से गुवा स्थित सेल खदान को अनिश्चितकालीन बंद करने की घोषणा कर दी। इस निर्णय के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और असंतोष का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी 500 लोगों को रोजगार देने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, मुखिया चांदमनी लागुरी, मुंडा कानूराम देवगम और मांगता सुरीन सहित 18 गांवों के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।

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चुनाव के बाद बढ़ी सक्रियता, क्षेत्रीय राजनीति में नए संकेत जेबी लाइव, रिपोर्टर झाड़ग्राम : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई

  • चुनाव के बाद बढ़ी सक्रियता, क्षेत्रीय राजनीति में नए संकेत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन एक बार फिर झाड़ग्राम जिले के दौरे पर पहुंचे। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में यहां की चार विधानसभा सीटों पर जोरदार प्रचार किया था। चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उनका यह दौरा राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। दौरे के दौरान उन्होंने चारों विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर भी चर्चा हुई। लोगों के साथ उनका संवाद आत्मीय और भावनात्मक रहा, जिसमें स्थानीय लोगों ने अपनी अपेक्षाएं खुलकर रखीं।

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भाजपा विधायक से मुलाकात, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा

इसी क्रम में झाड़ग्राम विधानसभा क्षेत्र से विजयी भाजपा उम्मीदवार लक्षीकांत साऊ ने चंपई सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र के विकास, आदिवासी कल्याण और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा आदिवासी समुदाय के साथ उनके जुड़ाव को और मजबूत करेगा। साथ ही, आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बनने की भी संभावना जताई जा रही है। झाड़ग्राम जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में इस तरह के दौरे को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

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कई जिलों में भारी नुकसान, मौसम के अचानक बदलाव ने बढ़ाई चिंता जेबी लाइव, रिपोर्टर बिहार : पिछले 24 घंटों

  • कई जिलों में भारी नुकसान, मौसम के अचानक बदलाव ने बढ़ाई चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बिहार : पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है। तेज तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पूर्वी चंपारण, गया और औरंगाबाद शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले तक भीषण गर्मी और उमस के बाद अचानक मौसम ने करवट ली। सोमवार की देर दोपहर से ही कई जिलों में काले बादल छा गए और शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं शुरू हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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पूर्वी चंपारण, गया और पटना समेत कई जिलों में मौतें

मृतकों की संख्या अलग-अलग जिलों से लगातार सामने आ रही है। पूर्वी चंपारण में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र में पेड़ गिरने और दीवार ढहने से दो लोगों ने जान गंवाई। गया और औरंगाबाद में तीन-तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा वैशाली, सीतामढ़ी और भोजपुर से भी मौत की खबरें आई हैं। सीतामढ़ी में तूफान के दौरान बिजली का खंभा गिरने से दो महिलाओं—रकीबा खातून और निकहत परवीन—की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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हाई-टेंशन तार पर पेड़ गिरने से अफरातफरी, बड़ा हादसा टला

रोहतास जिले में बिजली गिरने से 25 वर्षीय बलवंत पासवान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। वहीं कटिहार रेलवे मंडल के आजमनगर स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक पेड़ की भारी डाल हाई-टेंशन ओवरहेड तार पर गिर गई। इससे तार में आग लग गई और प्लेटफॉर्म पर धुआं फैल गया, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर ट्रेन को करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित किया गया और बाद में ट्रेन परिचालन बहाल किया गया।

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बिजली आपूर्ति ठप, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

इस आपदा के कारण कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों ने सड़कों को बाधित कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही राज्य में तूफान, बारिश और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है, क्योंकि आने वाले दिनों में भी मौसम की स्थिति अस्थिर बनी रह सकती है।

New Delhi : सुपर अल नीनो का खतरा: भारत में भीषण गर्मी और सूखे का बढ़ा अलर्ट

दुनियाभर में मौसम पैटर्न में बदलाव, भारत पर पड़ सकता है गहरा असर जेबी लाइव, रिपोर्टर नई दिल्ली : देशभर

  • दुनियाभर में मौसम पैटर्न में बदलाव, भारत पर पड़ सकता है गहरा असर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : देशभर में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है और राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मई महीने की शुरुआत भले ही कुछ स्थानों पर बारिश के साथ हुई हो, लेकिन तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अप्रैल माह में भी कई जगहों पर तापमान ने पुराने रिकॉर्ड तोड़े। मौसम विभाग लगातार लू को लेकर चेतावनी जारी कर रहा है। यह स्थिति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में इसी तरह के चरम मौसम देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे “सुपर अल नीनो” नामक एक शक्तिशाली जलवायु घटना जिम्मेदार हो सकती है, जो इस वर्ष के अंत तक और अधिक प्रभावी रूप ले सकती है।

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वैश्विक एजेंसियों ने जताई मजबूत अल नीनो बनने की संभावना

अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों ने भी इस खतरे को लेकर चेतावनी दी है। राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के अनुसार मई से जुलाई के बीच अल नीनो बनने की लगभग 60 प्रतिशत संभावना है। वहीं संयुक्त राष्ट्र की मौसम और जलवायु एजेंसी और विश्व मौसम संगठन (WMO) ने भी संकेत दिए हैं कि इस बार अल नीनो काफी शक्तिशाली हो सकता है। कुछ विशेषज्ञ इसे “सुपर अल नीनो” का रूप लेने की आशंका जता रहे हैं। यह स्थिति एशियाई देशों, खासकर भारत पर अधिक प्रभाव डाल सकती है, जहां मौसम की असामान्य परिस्थितियां कृषि, जल संसाधन और जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

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क्या होता है सुपर अल नीनो और क्यों है यह खतरनाक

सुपर अल नीनो दरअसल अल नीनो का अत्यंत शक्तिशाली रूप होता है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है। यह एक दुर्लभ जलवायु घटना है, जो कई दशकों में एक बार देखने को मिलती है। इसके दौरान व्यापारिक हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं या दिशा बदल लेती हैं, जिससे गर्म पानी का फैलाव बढ़ जाता है और वैश्विक मौसम चक्र प्रभावित होता है। इससे पहले 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में ऐसी घटनाएं दर्ज की गई थीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि 2026 में भी इसी तरह की स्थिति बन सकती है, जिससे भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है और सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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भारत में संभावित असर, IMD ने जारी किया पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी इस वर्ष के लिए अपने पूर्वानुमान में गर्मी और लू के बढ़ते असर की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मई में हिमालयी तराई क्षेत्रों, पूर्वी तटीय राज्यों, गुजरात और महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक लू चल सकती है। हालांकि, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय पर आगमन की संभावना के चलते मई में औसत वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान भी जताया गया है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह सामान्य या उससे कम भी रह सकता है। कुल मिलाकर, सुपर अल नीनो की आशंका ने भारत में मौसम को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर कृषि, जल संकट और आम जनजीवन पर पड़ सकता है।

Jamshedpur : 6 से 10 मई के बीच झारखंड में बदलेगा मौसम, बारिश के आसार

दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड में 6 से

  • दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड में 6 से 10 मई के बीच मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से दक्षिणी और पूर्वी झारखंड, जिसमें कोल्हान क्षेत्र और जमशेदपुर शामिल हैं, वहां बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं और एक सक्रिय ट्रफ लाइन के प्रभाव से यह परिवर्तन हो रहा है, जिसका असर पूरे राज्य में देखने को मिलेगा।

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कोल्हान क्षेत्र में अधिक प्रभाव, जमशेदपुर में बूंदाबांदी के संकेत

कोल्हान क्षेत्र—पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां—में बारिश की संभावना अधिक बताई गई है। जमशेदपुर में 6 और 7 मई को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि 8 से 10 मई के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, दिन के समय उमस बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी आने की संभावना भी जताई गई है।

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किसानों के लिए राहत, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

राज्य के उत्तरी और मध्य भागों जैसे रांची, हजारीबाग और बोकारो में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। इन इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है, हालांकि कोल्हान की तुलना में इसकी तीव्रता कम रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और आने वाली फसलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। कुल मिलाकर, इस अवधि में झारखंड का मौसम सुहावना रहने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

Potka : मंगलासाई एकलव्य विद्यालय में स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता देने की उठी मांग

प्रतिनिधिमंडल ने जिला कल्याण पदाधिकारी से की मुलाकात जेबी लाइव, रिपोर्टर पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित

  • प्रतिनिधिमंडल ने जिला कल्याण पदाधिकारी से की मुलाकात

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित मंगलासाई एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में स्थानीय छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य सामाद से मुलाकात की। इस दौरान अनुसूचित जनजाति मोर्चा जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष रमेश वास्के और जिला मंत्री मनोज कुमार सरदार भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। लेकिन पिछले वर्ष चयनित कई छात्रों को पश्चिम सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम के अन्य दूरस्थ विद्यालयों में भेजे जाने से अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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अधिकारियों ने दिया भरोसा, स्थानीय छात्रों को मिलेगा लाभ

मनोज कुमार सरदार ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए आग्रह किया कि पोटका क्षेत्र के अधिक से अधिक स्थानीय छात्रों का नामांकन मंगलासाई स्थित विद्यालय में ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र में रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए बच्चों को दूर-दराज के विद्यालयों में भेजना काफी कठिन होता है। इस पर जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य सामाद ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि आगामी सत्र में चयन प्रक्रिया के दौरान स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर मनोज सरदार जूनियर और प्रकाश सरदार सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

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