जमशेदपुर में डोकरा कला, तसर सिल्क और सोहराय पेंटिंग को मिलेगा राष्ट्रीय-वैश्विक बाजार
झारक्राफ्ट के विस्तार से कारीगरों को मिलेगा लाभ
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर में झारखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प और कारीगरों की कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झारक्राफ्ट के नए एम्पोरियम का भव्य उद्घाटन किया गया। राज्य के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल एक बिक्री केंद्र नहीं, बल्कि राज्य के हजारों बुनकरों और कारीगरों के श्रम और कौशल का सम्मान है। मंत्री ने बताया कि झारक्राफ्ट से 25 हजार से अधिक बुनकर, 120 बुनकर समितियाँ और 220 कर्मचारी जुड़े हुए हैं, जो राज्य की पारंपरिक कला को आगे बढ़ा रहे हैं।
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झारखंड की हस्तशिल्प परंपरा को नई पहचान
नए एम्पोरियम में झारखंड की प्रसिद्ध डोकरा कला, तसर सिल्क, सोहराय पेंटिंग, तथा बाँस और लकड़ी से बने हस्तशिल्प उत्पादों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। इससे स्थानीय कारीगरों को बड़ा बाजार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कारीगरों के कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि झारक्राफ्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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स्थानीय हस्तशिल्प को मिलेगा बड़ा बाजार
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने जानकारी दी कि देशभर में झारक्राफ्ट के 14 एम्पोरियम पहले से ही दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में संचालित हैं, जो झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जमशेदपुर का यह नया एम्पोरियम शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और कारीगरों को नई ऊर्जा देगा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी कहा कि यह पहल राज्य के हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।






















