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Jadugoda : यूसीआईएल के खिलाफ ग्राम सभाओं का मोर्चा तेज, मजदूरों की बहाली और पर्यावरणीय सुरक्षा को लेकर आंदोलन की चेतावनी

  • नाम्दुप बैठक में बाघराय मार्डी को सौंपी गई कमान
  • अवैध वसूली और ब्लास्टिंग से नाराज ग्रामीणों ने दी आर-पार की लड़ाई की चेतावनी
  • बाघराय मार्डी के नेतृत्व में बड़े आंदोलन की तैयारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा क्षेत्र में यूसीआईएल प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को नाम्दुप गांव में आयोजित ग्राम सभा की महत्वपूर्ण बैठक में नांदूप, तुरामडीह समेत आसपास के कई गांवों के विस्थापित और प्रभावित ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में मजदूरों की छंटनी, अवैध वसूली और खदान क्षेत्र में बढ़ते पर्यावरणीय संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यूसीआईएल से जुड़े ठेकेदारों द्वारा विस्थापित परिवारों के लगभग दस मजदूरों को बिना किसी ठोस कारण के काम से हटा दिया गया है। जबकि पूर्व में इन मजदूरों को बहाल करने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से विस्थापित परिवार रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।

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विस्थापित मजदूरों की छंटनी से बढ़ा ग्रामीणों में आक्रोश

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने तुरामडीह माइंस में कार्यरत मजदूरों से प्रतिदिन लगभग 50 रुपये की कथित अवैध वसूली का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों से जबरन राशि ली जाती है और विरोध करने वालों को काम से बैठा दिया जाता है। इससे मजदूरों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ग्राम सभा प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि गरीब मजदूरों का आर्थिक शोषण लगातार जारी है, लेकिन प्रबंधन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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तुरामडीह माइंस में अवैध वसूली का मुद्दा गरमाया

ग्रामीणों ने खदान क्षेत्र में लगातार हो रही ब्लास्टिंग और उससे उत्पन्न हो रहे पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को भी गंभीर समस्या बताया। बैठक में कहा गया कि ब्लास्टिंग के कारण पुराने नांदूप गांव के कई घरों में दरारें पड़ रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। इसके अलावा माइंस से निकलने वाली धूल के कारण ग्रामीणों को सांस और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से गांवों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रभावित परिवारों ने घरों की क्षति का मुआवजा देने और प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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ब्लास्टिंग और प्रदूषण से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा

बैठक में सर्वसम्मति से पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी को आंदोलन का नेतृत्व सौंपा गया। ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बाघराय मार्डी ने कहा कि विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों के साथ लंबे समय से अन्याय हो रहा है और अब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूसीआईएल प्रबंधन ने मजदूरों की बहाली, अवैध वसूली पर रोक और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान को लेकर जल्द पहल नहीं की, तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर तुरामडीह माइंस का काम भी पूरी तरह ठप किया जा सकता है। बैठक के बाद पूरे जादूगोड़ा क्षेत्र में आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।

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Seraikela : भूमिज समाज ने राज्यपाल से मिलकर रघुनाथ महतो प्रतिमा विवाद पर जताई आपत्ति

चुआड़ विद्रोह के इतिहास और भूमिज समाज की पहचान से छेड़छाड़ का लगाया आरोप न्यायालय के निर्णय तक सरकारी गतिविधियों

  • चुआड़ विद्रोह के इतिहास और भूमिज समाज की पहचान से छेड़छाड़ का लगाया आरोप
  • न्यायालय के निर्णय तक सरकारी गतिविधियों पर रोक की मांग
  • रघुनाथ महतो की पहचान को लेकर लंबे समय से जारी है विवाद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला से आदिवासी भूमिज मुंडा चुआड़ सेना, झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और भूमिज समाज की भावनाओं एवं आपत्तियों से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान इतिहासकार डॉ. जगदीश चंद्र झा की पुस्तक “भूमिज रिवॉल्ट” राज्यपाल को भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में मानिक सिंह सरदार, रामू सरदार, निर्मल सरदार, मनिका भूमिज, निवारण सरदार, पार्वती सरदार, सागर सरदार, हरा सरदार और विभूति सरदार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल की ओर से मानिक सिंह सरदार ने कहा कि 13 मई 2026 को पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो द्वारा रघुनाथ महतो की प्रतिमा राज्यपाल को भेंट करना और लोकभवन में माल्यार्पण करना भूमिज समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिविल कोर्ट रांची में विचाराधीन है, इसलिए सार्वजनिक रूप से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करना न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी है।

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रघुनाथ महतो प्रतिमा विवाद को लेकर भूमिज समाज की बढ़ी नाराजगी

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आदिवासी भूमिज समाज रघुनाथ महतो को अपना पूर्वज और चुआड़ विद्रोह का नायक नहीं मानता। समाज का दावा है कि चुआड़ विद्रोह का नेतृत्व भूमिज सरदारों ने किया था और इतिहास के तथ्यों से छेड़छाड़ कर रघुनाथ महतो को इस आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इससे भूमिज समाज की पहचान और शहादत को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जब तक न्यायालय का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक रघुनाथ महतो से संबंधित किसी भी सरकारी सम्मान, प्रतिमा स्थापना या सार्वजनिक कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए। साथ ही “भूमिज रिवॉल्ट” समेत अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर चुआड़ विद्रोह के वास्तविक नायकों पर शोध कराने की मांग भी उठाई गई।

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चुआड़ विद्रोह के इतिहास पर शोध कराने की उठी मांग

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे। राज्यपाल ने यह भी कहा कि सभी ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों का अध्ययन कर ही कोई निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है कि रघुनाथ महतो की पहचान को लेकर भूमिज और महतो समाज के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। दोनों समुदाय उन्हें अपना नायक बताते हैं। ऐसे में कोर्ट में मामला लंबित रहने के बावजूद प्रतिमा भेंट और सार्वजनिक कार्यक्रमों से विवाद और गहराता जा रहा है।

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जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग वन्यजीव सुरक्षा को लेकर

  • जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
  • वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने झाड़ग्राम जिले के गढ़ शालबनी इलाके में करंट लगने से एक वयस्क हाथी की मौत के मामले को गंभीर बताते हुए वन विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने मंगलवार को झाड़ग्राम वन विभाग के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि शालबनी क्षेत्र के एक निजी गेस्ट हाउस परिसर में हुई हाथी की मौत बेहद चिंताजनक घटना है, जिसकी वैज्ञानिक और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच कराने की भी मांग की, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सके।

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हाथी की मौत मामले में वैज्ञानिक जांच की उठी मांग

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही, अवैध गतिविधि या विद्युत सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। संगठन ने वन विभाग से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाने, हाथियों के आवागमन मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थानीय लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की भी अपील की है। संगठन का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

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टाटा स्टील को खनन की अनुमति मिलने से बेरोजगारों, ट्रांसपोर्टरों और छोटे कारोबारियों में जगी नई उम्मीद सारंडा के बाजारों

  • टाटा स्टील को खनन की अनुमति मिलने से बेरोजगारों, ट्रांसपोर्टरों और छोटे कारोबारियों में जगी नई उम्मीद
  • सारंडा के बाजारों में लौटेगी रौनक और रोजगार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा स्थित सारंडा क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने Tata Steel को विजया-2 आयरन ओर माइंस के संचालन की अनुमति दे दी है। करीब नौ महीने से बंद पड़ी इस खदान के फिर शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि लंबे समय से ठप पड़े रोजगार और व्यवसाय अब दोबारा पटरी पर लौट सकेंगे।

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विजया-2 माइंस शुरू होने से सारंडा में बढ़ी आर्थिक उम्मीदें

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द चौरसिया ने कहा कि माइंस बंद होने के कारण सारंडा, बड़ाजामदा, गुवा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू क्षेत्र की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे, जबकि सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों से खड़े-खड़े खराब हो रहे थे। ट्रांसपोर्टिंग, गैरेज, ढाबा, होटल और छोटे व्यवसाय लगभग ठप पड़ गए थे। अब माइंस के पुनः संचालन से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में फिर से जान आने की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि ट्रकों और डंपरों का संचालन दोबारा शुरू होने से ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबारियों को मिलेगा बड़ा सहारा

पूर्व जिला पार्षद और अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष शंभू पासवान ने बताया कि विजया-2 माइंस की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 30 लाख टन है। माइंस शुरू होने से टाटा स्टील को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा, जिससे कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। इसका सीधा फायदा जमशेदपुर और आसपास के स्टील प्लांटों को भी मिलेगा। वहीं नोवामुंडी प्रखंड प्रमुख पूनम गिलुवा ने कहा कि खनन शुरू होने से झारखंड सरकार को हर महीने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। इसमें रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी फंड शामिल हैं। अनुमान है कि सालाना 35 से 50 करोड़ रुपये तक की आय केवल इसी माइंस से होगी।

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माइंस संचालन से सरकार और उद्योग दोनों को होगा लाभ

किरीबुरू पूर्वी ग्राम पंचायत के मुखिया और अनुसूचित जनजाति प्रदेश कार्य समिति सदस्य मंगल सिंह गिलुवा ने कहा कि खनन बंद होने से सारंडा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां लगभग ठप पड़ गई थीं। अब माइंस के पुनः चालू होने से स्थानीय बाजारों में रौनक लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों और मजदूरों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला सिर्फ एक खदान को शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में रोजगार और व्यापार दोनों में तेजी देखने को मिलेगी।

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प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो के दौरे को लेकर स्वागत समिति गठित, शहरभर में प्रचार-प्रसार और सजावट की तैयारी जदयू नेताओं

  • प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो के दौरे को लेकर स्वागत समिति गठित, शहरभर में प्रचार-प्रसार और सजावट की तैयारी
  • जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा में सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी 26 मई को जमशेदपुर में होने वाली प्रमंडलीय बैठक की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक भुईयांडीह बस स्टैंड स्थित होटल क्रिस्टल के सभागार में आयोजित होगी, जिसमें जदयू के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो मुख्य रूप से शामिल होंगे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने का संकल्प लिया। प्रदेश अध्यक्ष के भव्य स्वागत के लिए विशेष स्वागत समिति का गठन किया गया। इसके साथ ही संगठन विस्तार, मंच व्यवस्था, प्रचार-प्रसार और विभिन्न जिलों से आने वाले प्रतिनिधियों की भागीदारी को लेकर भी रणनीति तैयार की गई।

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जदयू ने प्रमंडलीय बैठक को सफल बनाने के लिए बनाई रणनीति

बैठक में नेताओं ने कहा कि यह प्रमंडलीय बैठक संगठन को नई दिशा देने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें और कार्यक्रम की सफलता के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं। जानकारी दी गई कि प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो, सरयू राय के साथ पुराना कोर्ट स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, महाराणा प्रताप चौक स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा और मानगो पुल के समीप स्थापित जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वे बैठक स्थल पहुंचेंगे, जहां कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा।

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खीरू महतो और सरयू राय करेंगे महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण

बैठक के दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और गोलचक्करों को झंडे-बैनर से सजाने, नगर सज्जा, प्रचार-प्रसार, पंजीयन, सभागार व्यवस्था और भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारियां अलग-अलग पदाधिकारियों और मोर्चा अध्यक्षों को सौंपी गईं। महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई और प्रतिनिधियों के स्वागत को लेकर भी विशेष तैयारी करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव संजय ठाकुर, कौशल कुमार, प्रदेश युवा अध्यक्ष निर्मल सिंह, जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, कुलबिंदर सिंह पन्नू, बीर सिंह देवगाम, नीरज सिंह, राजेश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।

Baharagoda : बहरागोड़ा में भाजपा का प्रखंड कार्यालय पर धरना, वादाखिलाफी और जनसमस्याओं को लेकर सरकार पर बोला हमला

धान समर्थन मूल्य, गैस सिलेंडर और पेयजल संकट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन पेयजल और

  • धान समर्थन मूल्य, गैस सिलेंडर और पेयजल संकट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
  • पेयजल और सड़क समस्या को लेकर भाजपा ने सौंपा ज्ञापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष राजकुमार कर और कमल कांत सिंह के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला मंत्री चन्दना मुर्मू बतौर प्रभारी शामिल हुईं। उन्होंने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के दौरान ₹3200 प्रति क्विंटल धान समर्थन मूल्य और ₹450 में गैस सिलेंडर देने जैसे कई लोकलुभावन वादे किए गए थे, लेकिन सरकार अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं कर सकी। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता को गुमराह कर सत्ता में आई और अब आम लोगों की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार विरोधी नारे लगाए गए।

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भाजपा ने सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

धरना के दौरान भाजपा नेताओं ने बहरागोड़ा क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर स्थिति में हैं और ठेकेदार निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर फरार हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई जगह जल मीनारें और चापाकलों के पाइप खराब पड़े हैं, जबकि मौदा गांव का जल मीनार पिछले तीन वर्षों से बंद है। भाजपा नेताओं ने इन समस्याओं को जनविरोधी नीतियों का परिणाम बताते हुए राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर जिला महामंत्री बापतू साव, रंजीत बाला, काजल महाकुड, कृष्ण पाल, मंजुला पोलाई समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Ghatsila : घाटशिला में जनजाति विश्वविद्यालय निर्माण में देरी पर सक्रिय हुए विधायक सोमेश सोरेन

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात कर विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग मुसाबनी इंजीनियरिंग कॉलेज

  • मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात कर विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग
  • मुसाबनी इंजीनियरिंग कॉलेज को लेकर भी हुई अहम चर्चा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने रांची स्थित मंत्री आवास में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से शिष्टाचार मुलाकात कर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान विधायक ने राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजाति विश्वविद्यालय, घाटशिला के निर्माण एवं कार्यान्वयन में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने मंत्री को एक संज्ञान पत्र सौंपते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से पूर्वी सिंहभूम समेत आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। विधायक ने कहा कि लंबे समय से छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी से प्रभावित हैं, इसलिए परियोजना में तेजी लाना बेहद जरूरी है।

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जनजाति विश्वविद्यालय निर्माण में तेजी लाने की मांग तेज

मुलाकात के दौरान मुसाबनी में स्वीकृत इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण एवं संचालन से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज का जल्द शुरू होना आवश्यक है। उन्होंने मंत्री से प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर शीघ्र पहल करने का आग्रह किया, ताकि छात्र-छात्राओं को बाहर जाने की मजबूरी न हो। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई और सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र में शिक्षा परियोजनाओं को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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