डिजिटल तकनीक और संचार व्यवस्था के विकास पर हुई चर्चा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : The Institution of Engineers India के जमशेदपुर लोकल सेंटर परिसर में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी दिवस मनाया गया। वर्ष 1952 से अभियंताओं की प्रतिष्ठित पेशेवर संस्था के रूप में कार्यरत इस संस्थान में आयोजित कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम “Digital Lifelines – Strengthening Resilience in a Connected World” रखी गई थी। कार्यक्रम का शुभारंभ टाटा स्टील के चीफ ऑफ मैन्युफैक्चरिंग – लॉन्ग प्रोडक्ट Vineet Kumar Shah के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि Manoj Kumar Jha समेत उपस्थित अभियंताओं और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की गई।
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दूरसंचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर दिया जोर
अपने संबोधन में विनीत कुमार शाह ने लैंडलाइन से वायरलेस संचार तक की तकनीकी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के एकीकरण ने दुनिया को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि इसी विकास के कारण वर्ष 2006 से वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी डे मनाया जा रहा है। उन्होंने संचार तकनीक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव और विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोगी समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता पर भी प्रकाश डाला। कोविड-19 काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली ने समाज के हर वर्ग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया और छोटे दुकानदार भी QR कोड आधारित भुगतान प्रणाली से जुड़ गए।
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भविष्य की संचार तकनीकों और डेटा सुरक्षा पर हुई चर्चा
मुख्य अतिथि मनोज कुमार झा ने अपने वक्तव्य में कहा कि संचार तकनीक ने तारयुक्त संचार से ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और आधुनिक वायरलेस सिस्टम तक लंबी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज बड़े पैमाने पर डेटा का आदान-प्रदान संभव हो पाया है और भविष्य में मानवों के अलावा निर्जीव वस्तुओं के साथ भी संवाद संभव हो सकेगा। उन्होंने औद्योगिक डेटा की सुरक्षा के लिए मिलिट्री-ग्रेड एन्क्रिप्शन सिस्टम तथा खदानों और दूरस्थ औद्योगिक स्थलों को जोड़ने वाली हाइब्रिड क्लाउड इंटीग्रेशन तकनीकों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में शहर के कई वरिष्ठ अभियंता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में जमशेदपुर लोकल सेंटर की मानद सचिव डॉ. सीरम माधुरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।























