टेंडर समाप्त होने के पांच दिन बाद भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, यूसिल कर्मियों में चिंता
आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित होने से श्रमिकों में बढ़ी नाराजगी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : यूसील की नरवा पहाड़ अस्पताल में एम्बुलेंस सेवा बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में एम्बुलेंस सेवा का टेंडर 11 मई को समाप्त हो गया, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई वैकल्पिक वाहन व्यवस्था नहीं की गई है। इससे यूसिल कर्मियों और उनके परिवारों में भय और चिंता का माहौल है। अस्पताल से जुड़े एक कर्मी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजने के लिए फिलहाल कोई लाइफ सपोर्ट वाहन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अचानक तबीयत बिगड़ने पर मरीजों को निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ सकता है, जो गंभीर स्थिति में जोखिम भरा साबित हो सकता है।
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मजदूरों ने जल्द नई एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की उठाई मांग
स्थानीय मजदूरों और कर्मचारियों ने यूसील प्रबंधन से जनहित में जल्द नया टेंडर जारी कर एम्बुलेंस सेवा बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना लाइफ सपोर्ट वाहन के गंभीर मरीजों की जान को खतरा हो सकता है और किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि अस्पताल जैसी जरूरी सेवा में लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल नई एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।






















