पांच में से दो शिक्षक डेपुटेशन पर, एक अनफिट; दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा पूरा स्कूल
जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत ओड़िया पंचायत स्थित मध्य विद्यालय दुलमी में शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। विद्यालय में स्वीकृत पांच शिक्षकों में से दो शिक्षक वर्षों से डेपुटेशन पर हैं, जबकि एक शिक्षक लंबे समय से अनफिट बताए जा रहे हैं। ऐसे में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई केवल दो शिक्षकों के भरोसे चल रही है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है, लेकिन सीमित शिक्षकों के कारण नियमित कक्षाएं संचालित करने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है।
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शिक्षकों की कमी से दुलमी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित
जानकारी के अनुसार शिक्षक पप्पू रजक वर्ष 2021 में डेपुटेशन पर गए थे और अब तक विद्यालय में वापस योगदान नहीं दिया है। वहीं शिक्षक दिनेश नाग वर्ष 2024 में डेपुटेशन पर गए और वे भी अब तक मूल विद्यालय में नहीं लौटे हैं। हैरानी की बात यह है कि दोनों शिक्षकों का वेतन भुगतान अभी भी मध्य विद्यालय दुलमी से ही किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार किसी शिक्षक को अधिकतम तीन महीने के लिए ही डेपुटेशन पर भेजा जा सकता है, लेकिन यहां वर्षों से नियमों की अनदेखी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और मिलीभगत के कारण यह स्थिति बनी हुई है। लंबे समय से डेपुटेशन पर रहने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
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डेपुटेशन नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
विद्यालय में पदस्थापित एक अन्य शिक्षक स्वास्थ्य कारणों से लंबे समय से अनफिट चल रहे हैं। इस कारण पूरे स्कूल की जिम्मेदारी केवल दो शिक्षकों पर आ गई है। इन्हीं दो शिक्षकों को सभी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य भी संभालने पड़ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की मूलभूत शिक्षा प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक की कमी के कारण कई बार नियमित पढ़ाई नहीं हो पाती और बच्चों का शैक्षणिक स्तर लगातार कमजोर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है।
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दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा कक्षा 1 से 8 तक का स्कूल
समाजसेवी और पूर्व वार्ड पार्षद गौरांग दत्ता ने इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सैकड़ों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। गौरांग दत्ता ने जिला शिक्षा अधीक्षक से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, डेपुटेशन पर गए शिक्षकों को तुरंत मूल विद्यालय में वापस भेजने और वेतन निकासी में हुई अनियमितताओं की जांच करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया है।
























