- रक्षा मंत्री का अमेरिका दौरा भी फिलहाल रद्द, भारत ने कहा—कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ
- सरकारी सूत्रों ने कहा – “स्थिति सामान्य हुई तो डील पर फिर होगा विचार”
जेबी लाइव, रिपोर्टर
भारत सरकार ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित 3.6 अरब डॉलर (लगभग ₹30,000 करोड़) के रक्षा सौदे पर फिलहाल विराम लगा दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगे अतिरिक्त टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया है। यह टैरिफ रूस से तेल आयात जारी रखने के चलते लगाया गया, जिससे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ गया है। प्रस्तावित सौदे के तहत भारत को जनरल डायनामिक्स के स्ट्राइकर कॉम्बैट व्हीकल, जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम और नौसेना के लिए 6 P-8I टोही विमान मिलने थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अमेरिका दौरे के दौरान इस पर चर्चा होनी थी, लेकिन अब वह दौरा भी टाल दिया गया है।
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सौदे में शामिल थे स्ट्राइकर व्हीकल, जेवलिन मिसाइल और P-8I विमान
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्ट्राइकर या जेवलिन खरीद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रस्ताव भी नहीं प्राप्त हुआ है। साथ ही, रॉयटर्स और अन्य विदेशी मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा गया कि यह खबरें अटकलों पर आधारित हैं। मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह के प्रस्तावित अमेरिका दौरे की कोई पक्की तारीख तय नहीं हुई थी, लिहाज़ा दौरा रद्द होने की बात भी अतिशयोक्ति है। फिर भी, मौजूदा टैरिफ विवाद के चलते यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब अमेरिकी रक्षा खरीद को लेकर अधिक रणनीतिक सतर्कता बरत रहा है।
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रक्षा मंत्रालय ने रॉयटर्स की रिपोर्ट को बताया “अनुमान आधारित”
भारत सरकार ने ट्रंप प्रशासन के फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे “अनुचित रूप से निशाना बनाना” करार दिया है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और यूरोप स्वयं भी रूस से व्यापार कर रहे हैं, फिर भारत को इस तरह दंडित करना द्वैध नीति को दर्शाता है। हालांकि सरकार ने संकेत दिया है कि यह सौदा पूरी तरह से रद्द नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। यदि व्यापार और कूटनीतिक स्थितियां अनुकूल होती हैं, तो भविष्य में यह डील फिर से शुरू की जा सकती है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि वैश्विक रणनीति में व्यापार, रक्षा और कूटनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं।
























