- महंगाई और आर्थिक संकट से उपजे आक्रोश ने देशभर में हालात बिगाड़े, खामेनेई ने विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया
जेबी लाइव, रिपोर्टर
ईरान : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। टाइम मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है। गुरुवार रात सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी, जिसके बाद से लगातार कार्रवाई जारी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी पर चेतावनी देते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें, क्योंकि गोली लगने पर शिकायत का कोई आधार नहीं होगा। सरकार ने इंटरनेट और फोन सेवाओं को लगभग बंद कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को रोका जा सके। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई तो ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इसे भी पढ़ें : Seraikela : आदिवासी संगठनों ने पेसा नियमावली 2025 में उठाई संशोधन की मांग
ईरान में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई
विशेषज्ञों का कहना है कि अब जब प्रदर्शन मध्यम वर्गीय इलाकों तक फैल गए हैं, तो सरकार बेरहमी से कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी। आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान पहले से ही इजराइल के साथ संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, गिरती अर्थव्यवस्था, बिजली और पानी की किल्लत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान सार्वजनिक तौर पर नरम रुख दिखा रहे हैं, लेकिन उनके कई मंत्री सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं। सरकार का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल इन प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं। वहीं प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोग पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं, जिन्होंने विदेश से प्रदर्शन तेज करने की अपील की है।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर साहित्य उत्सव में शिव शंकर कांडेयोंग सम्मानित
राजनीतिक मतभेद और विदेशी हस्तक्षेप के आरोप
ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली ने आम जनता को आक्रोशित कर दिया है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। साल की शुरुआत से रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा सरकार द्वारा 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। खासकर GenZ वर्ग इस आर्थिक संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है और यही वर्ग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे है।
इसे भी पढ़ें : Ghatsila : घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में स्वास्थ्य मेला का शुभारंभ
आर्थिक संकट और महंगाई से जनता का आक्रोश
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने प्रदर्शनों के बीच राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश ‘विदेशियों के लिए काम करने वाले भाड़े के लोगों’ को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनों के पीछे विदेशी एजेंट हैं जो देश में हिंसा भड़का रहे हैं। खामेनेई ने कहा कि कुछ उपद्रवी अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने ट्रम्प को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के मामलों में दखल देने के बजाय वे अपने देश की समस्याओं पर ध्यान दें। खामेनेई ने जोर देकर कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक सैकड़ों हजारों महान लोगों के खून के बल पर सत्ता में आई है और इसे नष्ट करने की कोशिश करने वालों के सामने कभी पीछे नहीं हटेगी। उनका यह बयान उस समय आया जब ट्रम्प ने दोबारा चेतावनी दी थी कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों की हत्या करते हैं, तो अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है।
























