राष्ट्रपिता के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर जताई नाराजगी, कहा— गांधी केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं
युवाओं को अवसर देने के बजाय नफरत की राजनीति का आरोप
देश की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं ऐसी घटनाएं : आफताब खान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला : घाटशिला में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता आफताब खान ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के कटवा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के चेहरे पर काला कपड़ा लपेटे जाने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शमशाद खान के पुत्र आफताब खान ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक ऐसी विचारधारा हैं, जिसने देश को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि किसी प्रतिमा का अपमान कर गांधी के विचारों को कमजोर नहीं किया जा सकता। संत नंदलाल स्कूल से शिक्षा प्राप्त कर चुके आफताब खान ने कहा कि आज भी गांधी और जवाहरलाल नेहरू के विचार समाज को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके विचार अप्रासंगिक होते तो आज भी उनके नाम और सिद्धांतों को लेकर इतनी चर्चा नहीं होती। उनके अनुसार गांधी के विचार देश की लोकतांत्रिक और सामाजिक संरचना की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।
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रोजगार और विकास के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा
आफताब खान ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता जिन मूलभूत मुद्दों पर समाधान चाहती है, उन पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी चिंता रोजगार और कौशल विकास है, लेकिन राजनीतिक विमर्श को अन्य मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है। आफताब खान ने कहा कि देश को ऐसी राजनीति की आवश्यकता है जो विकास, सामाजिक समरसता और अवसरों के विस्तार पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन और शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावी कदम उठाकर ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है तथा युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकता है।
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गांधी के विचारों को बताया अमर, निष्पक्ष जांच की मांग
कटवा की घटना का उल्लेख करते हुए आफताब खान ने कहा कि एक ओर दुनिया भर में महात्मा गांधी के विचारों और योगदान का सम्मान किया जाता है, वहीं देश के भीतर उनके सम्मान से जुड़ी घटनाएं चिंता का विषय बनती हैं। उन्होंने कहा कि गांधी की प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई जा सकती है, लेकिन उनके विचारों को समाप्त नहीं किया जा सकता। गांधी एक वटवृक्ष की तरह हैं, जिनकी सोच और सिद्धांत समय-समय पर नई पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को नफरत और टकराव के बजाय सद्भाव, शिक्षा, रोजगार और विकास पर केंद्रित होना चाहिए। साथ ही उन्होंने गांधी प्रतिमा से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की।























