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Seraikela : “हाथियों को बांधकर नहीं रख सकते” बयान पर घिरीं विधायक सविता महतो, ग्रामीणों और समाजसेवियों में नाराजगी

  • चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ते हाथी आतंक के बीच विधायक के बयान पर उठा विवाद, स्थायी समाधान की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक के बीच ईचागढ़ विधायक Savita Mahato का एक बयान विवादों में आ गया है। एक शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हाथी समस्या को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि “हाथियों के झुंड को बांधकर नहीं रख सकते हैं।” उन्होंने कहा कि जंगलों में हाथियों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण वे गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। विधायक ने यह भी कहा कि हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के मुआवजे की राशि बढ़ाने को लेकर उन्होंने विधानसभा में आवाज उठाई है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि हाथियों का आक्रमण किसी एक सरकार के समय की समस्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही स्थिति है।

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समाजसेवियों ने बयान को बताया गैर जिम्मेदाराना

विधायक के बयान के बाद स्थानीय समाजसेवियों और विस्थापित अधिकार मंच ने कड़ी नाराजगी जताई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से लोगों को ठोस समाधान की उम्मीद होती है, लेकिन इस तरह के बयान से ग्रामीणों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास भविष्य में हाथी-मानव संघर्ष रोकने की क्या योजना है। ग्रामीणों ने कहा कि हर वर्ष हाथियों के कारण घर टूट रहे हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है, ऐसे में केवल मुआवजा देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। लोगों का कहना है कि सरकार को हाथी कॉरिडोर बहाल करने, जंगलों में भोजन और पानी की व्यवस्था करने तथा गांवों में स्थायी क्विक रिस्पांस टीम तैनात करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

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कुकड़ू और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा हाथियों का खतरा

चांडिल बांध विस्थापित क्षेत्र के कुकड़ू, ईचागढ़ और चांडिल प्रखंड में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कुकड़ू के आदरडीह चौका गांव में जंगली हाथी ने ग्राम प्रधान गुरुपद गोप के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसमें उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इसके अलावा गुरुवार रात लेटेमदा रेलवे स्टेशन के समीप गणेश मंदिर के पास हाथी ने ग्रामीण उत्तम महतो के मकान को पूरी तरह तोड़ दिया। हाथी ने घर की दीवारें ध्वस्त कर अंदर रखा अनाज भी नष्ट कर दिया। हालांकि परिवार के सदस्य समय रहते घर से बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

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रातभर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण, समाधान की मांग तेज

लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि हर रात गांवों में हाथियों की आवाजाही होती है, जिसके कारण वे पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। हाथियों के डर से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और राज्य सरकार से हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है। विस्थापित अधिकार मंच ने कहा कि केवल बयानबाजी और मुआवजे की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी ताकि ग्रामीण सुरक्षित जीवन जी सकें।

Chaibasa : ‘प्रोजेक्ट जागृति’ से टीबी उन्मूलन अभियान को मिली नई मजबूती

पश्चिमी सिंहभूम में 155 निक्षय मित्रों ने 638 टीबी मरीजों को लिया गोद जनभागीदारी से बढ़ रहा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

  • पश्चिमी सिंहभूम में 155 निक्षय मित्रों ने 638 टीबी मरीजों को लिया गोद
  • जनभागीदारी से बढ़ रहा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित ‘प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिल रही है। इस पहल के तहत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों के उपचार और पोषण में सहयोग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक जिले में 155 व्यक्ति, संस्थाएं और सामाजिक संगठन 638 टीबी मरीजों को गोद ले चुके हैं। ये निक्षय मित्र मरीजों को नियमित रूप से पोषण सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ा रहे हैं। अप्रैल 2026 से 1 जुलाई 2026 तक जिले में उपचाररत टीबी मरीजों की संख्या 3,320 दर्ज की गई है। अभियान का उद्देश्य मरीजों को बेहतर पोषण, नियमित दवा सेवन और समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ बनाना है।

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पदाधिकारी और संस्थाएं निभा रहे सामाजिक जिम्मेदारी

अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, निजी अस्पतालों, सामाजिक संस्थाओं तथा जेएसएलपीएस के सीएलएफ समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वयं 51 टीबी मरीजों को गोद लेकर अभियान में प्रेरणादायक भूमिका निभाई है। वहीं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने 21, झींकपानी की प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा आइंद ने 22, आरईओ चक्रधरपुर के कार्यपालक अभियंता विकास खलखो ने 20 तथा झींकपानी के अंचलाधिकारी नितेश खलखो ने 17 मरीजों को गोद लिया है। सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित कई अधिकारियों ने भी 11-11 मरीजों की जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा सृष्टि अल्ट्रासाउंड एंड आई क्लिनिक, प्रवीण अल्ट्रासाउंड एंड आई क्लिनिक, गायत्री सेवा सदन, लाइफ नर्सिंग होम, संजीव नेत्रालय, सनराइज अस्पताल और सीएलएफ सोनुवा जैसे संस्थानों ने भी 11-11 मरीजों को गोद लेकर अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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निक्षय मित्रों की भूमिका से बढ़ रही जागरूकता

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निक्षय मित्र द्वारा गोद लिए गए प्रत्येक टीबी मरीज को छह माह तक पोषण सामग्री की टोकरी उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीज स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही टीबी रोधी दवाओं का नियमित सेवन करें। उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के सक्षम नागरिकों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, निजी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अधिक से अधिक संख्या में निक्षय मित्र बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब समाज का हर सक्षम व्यक्ति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाए। जिला प्रशासन का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट जागृति’ न केवल मरीजों को बेहतर उपचार और पोषण उपलब्ध करा रहा है, बल्कि समाज में टीबी के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

Chaibasa : दीवार गिरने से दिव्यांग युवती की मौत, गांव में पसरा मातम

मंझारी थाना क्षेत्र के बामे हुटूब गांव में हुआ दर्दनाक हादसा घर के बाहर दातुन कर रही थी सुखमति, अचानक

  • मंझारी थाना क्षेत्र के बामे हुटूब गांव में हुआ दर्दनाक हादसा
  • घर के बाहर दातुन कर रही थी सुखमति, अचानक ढह गई दीवार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : चाईबासा के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत तांतनगर ओपी के बामे हुटूब गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 33 वर्षीय दिव्यांग युवती सुखमति बानरा की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सुखमति अपने घर के बाहर दातुन कर रही थी। इसी दौरान अचानक कच्चे मकान की दीवार भरभराकर उसके ऊपर गिर गई। दीवार के भारी मलबे के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की तेज आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाया और युवती को बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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अस्पताल पहुंचने से पहले ही जिंदगी की जंग हार गई युवती

मृतका के जीजा चन्द्र भूषण बिरुवा ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद वाहन की व्यवस्था कर सुखमति को इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा ले जाया गया। परिजनों और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने बताया कि सुखमति दिव्यांग थी और परिवार के साथ गांव में रहती थी। उसकी अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

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लगातार बारिश से कमजोर हुई थी दीवार, जांच में जुटी पुलिस

ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण कच्चे मकान की दीवार काफी कमजोर हो चुकी थी। आशंका जताई जा रही है कि बारिश के कारण दीवार की मजबूती खत्म हो गई और वह अचानक ढह गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सहायता देने की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर मकानों की सुरक्षा और बारिश के मौसम में बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।

Chaibasa : रोटरैक्ट क्लब ऑफ चाईबासा की नई टीम का गठन, विकास गुप्ता ने संभाली अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

34वें इंस्टॉलेशन समारोह में नई कार्यकारिणी ने ली शपथ, समाज सेवा और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकल्प भव्य

  • 34वें इंस्टॉलेशन समारोह में नई कार्यकारिणी ने ली शपथ, समाज सेवा और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकल्प
  • भव्य समारोह के साथ नई कार्यकारिणी का हुआ गठन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : चाईबासा के सनशाइन रेस्टोरेंट में रविवार को रोटरैक्ट क्लब ऑफ चाईबासा का 34वां इंस्टॉलेशन समारोह उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। समारोह में वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें विकास गुप्ता ने अध्यक्ष तथा सौरव कुमार गुप्ता ने सचिव पद की शपथ ग्रहण की। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा, नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, इंस्टॉलिंग ऑफिसर रोटेरियन अनिल शर्मा तथा रोटरी और रोटरैक्ट क्लब के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद रोटेरियन अनिल शर्मा ने विकास गुप्ता को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के उपरांत नव निर्वाचित अध्यक्ष ने नई कार्यकारिणी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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युवाओं की ऊर्जा समाज परिवर्तन की ताकत : दीपक बिरुवा

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि रोटरैक्ट क्लब वर्षों से समाज सेवा, जागरूकता और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। नई टीम भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाएगी और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयोगी कार्यक्रम संचालित करेगी। नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने कहा कि रोटरैक्ट जैसी युवा संस्थाएं शहर और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने भविष्य में नगर परिषद और रोटरैक्ट क्लब के संयुक्त प्रयासों से जनहित एवं नगर विकास से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित करने की उम्मीद जताई।

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सेवा, अनुशासन और नेतृत्व को प्राथमिकता देने का आह्वान

रोटेरियन अनिल शर्मा ने अपने संबोधन में रोटरी इंटरनेशनल और रोटरैक्ट आंदोलन के इतिहास, उद्देश्यों एवं मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए नई टीम को सेवा, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रोटरैक्ट युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। वहीं, अध्यक्ष विकास गुप्ता ने कहा कि उनके कार्यकाल में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने, नए सदस्यों को जोड़ने, रक्तदान शिविर आयोजित करने, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और विभिन्न सामुदायिक सेवा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल अध्यक्ष का नहीं, बल्कि पूरी टीम का कार्यकाल होगा, जिसमें सभी सदस्य मिलकर समाजहित में कार्य करेंगे।

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नई टीम को मिली शुभकामनाएं, कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

नई कार्यकारिणी में विकास गुप्ता अध्यक्ष, सौरव कुमार गुप्ता सचिव, विनय लोढ़ा इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, रवि अग्रवाल एवं अक्षय कुमार गुप्ता उपाध्यक्ष, सुमित रक्षित एवं निशान चौबे संयुक्त सचिव, अभिषेक कुमार कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। एडवाइजरी कमेटी में सदाशिव खत्री, सुमित अग्रवाल, विवेक शर्मा, सौरभ मुंधड़ा, राहुल सर्राफ एवं निलाशीष मजूमदार को शामिल किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, रोटरी क्लब, इनर व्हील क्लब, लायंस क्लब तथा प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। समारोह का समापन राष्ट्रगान और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने नव निर्वाचित अध्यक्ष विकास गुप्ता और उनकी पूरी टीम को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने की उम्मीद जताई।

Jamshedpur : ट्रैक मेंटेनरों को मकान किराया भत्ता नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

टाटानगर में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने उठाया मुद्दा, रेल प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग ट्रैक मेंटेनरों

  • टाटानगर में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने उठाया मुद्दा, रेल प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग
  • ट्रैक मेंटेनरों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताई अपनी समस्याएं

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद का ट्रैक मेंटेनरों ने बुके देकर स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान कर्मचारियों ने उन्हें अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। चांद मोहम्मद ने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत कार्यरत बड़ी संख्या में ट्रैक मेंटेनरों को अब तक मकान किराया भत्ता (एचआरए) का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें हर महीने आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यूनियन की ओर से इस मुद्दे को लेकर कई बार रेल प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में रेलवे आवास उपलब्ध नहीं हैं, वहां कार्यरत कर्मचारियों को नियमानुसार मकान किराया भत्ता दिया जाना चाहिए।

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रेलवे आवासों में मूलभूत सुविधाओं की भी कमी

चांद मोहम्मद ने कहा कि जिन स्थानों पर रेलवे क्वार्टर उपलब्ध हैं, वहां भी कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई आवास जर्जर अवस्था में हैं और वहां शुद्ध पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने बताया कि चंपाझरन, पतासाही, गगनपोश और बंदूकडेरा सेक्शन में कर्मचारियों के लिए न तो रहने योग्य रेलवे आवास हैं और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे ट्रैक मेंटेनरों और उनके परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने रेल प्रशासन से मांग की है कि जिन स्थानों पर आवास उपलब्ध नहीं हैं अथवा रहने योग्य नहीं हैं, वहां कार्यरत ट्रैक मेंटेनरों को जल्द से जल्द मकान किराया भत्ता प्रदान किया जाए और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

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रांगीयाधड़ा गांव में पानी की किल्लत से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग उठाई पानी के एकमात्र स्रोत

  • रांगीयाधड़ा गांव में पानी की किल्लत से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग उठाई
  • पानी के एकमात्र स्रोत के बंद होने से बढ़ी समस्या

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की माटिहाना पंचायत अंतर्गत रांगीयाधड़ा गांव में पिछले छह महीनों से सोलर जल मीनार खराब पड़ी हुई है। इसके कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का यह प्रमुख साधन था, लेकिन लंबे समय से खराब रहने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। बरसात के मौसम में भी लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

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ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द समाधान की मांग

जल मीनार बंद होने के कारण ग्रामीणों को दूर स्थित चापाकलों और कुओं से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में प्रशासन और विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने शीघ्र मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।

Potka : हल्दीपोखर और बुरूडीह में ‘अपूर पाठशाला’ का शुभारंभ, बांग्ला भाषा संरक्षण की नई पहल

सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई पाठशालाएं विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री वितरित बांग्ला भाषा के

  • सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई पाठशालाएं
  • विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री वितरित
  • बांग्ला भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर एवं बुरूडीह गांव में रविवार को बांग्ला भाषा के संरक्षण और उसके प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। झारखंड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति, सिंहभूम बंगीय एसोसिएशन, सूंढ़ी समाज उत्थान समिति पोटका-सह-राजनगर तथा माताजी आश्रम हाता के संयुक्त तत्वावधान में ‘अपूर पाठशाला’ का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, छात्र-छात्राएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए साहित्यकार सुनील कुमार दे ने कहा कि सरकारी स्तर पर अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण बांग्ला भाषा धीरे-धीरे सीमित होती जा रही है। उन्होंने कहा कि भाषा किसी समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत होती है, इसलिए इसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मातृभाषा की शिक्षा देने और नई पीढ़ी को अपनी भाषाई जड़ों से जोड़ने की अपील की।

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विद्यार्थियों को मिलेगा प्रोत्साहन, शिक्षा के लिए सहयोग का आश्वासन

कार्यक्रम के दौरान हलुदपूकूर स्थित पाठशाला के संचालन की जिम्मेदारी कृष्णपदो मंडल को सौंपी गई, जबकि बुरूडीह पाठशाला का संचालन प्रियंका मंडल और शिखा मंडल करेंगी। आयोजन के अवसर पर विद्यार्थियों के बीच निःशुल्क बांग्ला भाषा की पुस्तकें, कॉपियां और कलम वितरित किए गए, जिससे बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह देखा गया। सूंढ़ी समाज उत्थान समिति के अध्यक्ष सोमेन मंडल ने घोषणा की कि पाठशाला में नियमित उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बांग्ला भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को भी आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि ‘अपूर पाठशाला’ केवल एक शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि बांग्ला भाषा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी संगठनों ने भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।

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