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Potka : पोटका की सीओ निकिता बाला विवाह बंधन में बंधीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया आशीर्वाद

  • रांची के ब्लेसिंग बैंक्वेट रिसोर्ट में पारंपरिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ विवाह समारोह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका की अंचलाधिकारी निकिता बाला गुरुवार को वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर गईं। रांची स्थित ब्लेसिंग बैंक्वेट रिसोर्ट में उन्होंने गढ़वा निवासी झामुमो प्रवक्ता सह उच्च न्यायालय के सरकारी अधिवक्ता धीरज दूबे के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की। विवाह समारोह पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज, वैदिक मंत्रोच्चार और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren स्वयं पहुंचकर नवदंपति को आशीर्वाद दिया। इसके अलावा नगर विकास मंत्री Sudivya Kumar, पूर्व मंत्री Mithilesh Thakur, पोटका विधायक Sanjeev Sardar एवं सिल्ली विधायक Amit Kumar Mahato समेत कई राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हस्तियां समारोह में शामिल हुईं।

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शुभकामनाओं और पारंपरिक उत्सव से गूंजा समारोह स्थल

विवाह समारोह के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक नवदंपति को आशीर्वाद देने पहुंचे। पूरे बैंक्वेट परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जहां पारंपरिक संगीत और वैवाहिक रस्मों के बीच उल्लास का माहौल बना रहा। समारोह के बाद आयोजित स्वरुचि भोज में सैकड़ों अतिथियों ने हिस्सा लिया और नवदंपति के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। पोटका एवं आसपास के क्षेत्रों में भी सीओ निकिता बाला के विवाह को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सोशल मीडिया पर लगातार शुभकामनाओं का सिलसिला जारी रहा और लोगों ने उनके नए जीवन के लिए मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।

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झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ और प्रबंधन के बीच कानूनी बहस तेज, स्टैंडिंग ऑर्डर को लेकर उठे सवाल जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ और प्रबंधन के बीच कानूनी बहस तेज, स्टैंडिंग ऑर्डर को लेकर उठे सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा स्थित किरीबुरू खदान में बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को लेकर चल रहा विवाद अब Central Government Industrial Tribunal Dhanbad में सुनवाई के चरण में पहुंच गया है। 14 मई को मामले की सुनवाई संपन्न हुई, जिसमें प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता बी. डी. वर्मा ने पक्ष रखा, जबकि झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सोमेन्द्र नाथ घोष के साथ यूनियन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। यूनियन ने अपने लिखित प्रतिउत्तर में एनजेसीएस कमेटी एवं सेल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर कानूनी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि एनजेसीएस कोई पंजीकृत फोरम नहीं है और उसे स्टैंडिंग ऑर्डर में बदलाव करने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

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यूनियन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं होने का लगाया आरोप

यूनियन ने अदालत में कहा कि किसी भी स्टैंडिंग ऑर्डर में परिवर्तन केवल त्रिपक्षीय फोरम के माध्यम से ही संभव है, जिसमें प्रबंधन, सरकार और मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन शामिल हों। संगठन ने दावा किया कि किरीबुरू खदान में कोई मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन नहीं है, जिसे सेल प्रबंधन ने पूर्व में एएलसी कोर्ट में अपने लिखित बयान में स्वीकार किया था। वहीं सुनवाई के दौरान प्रबंधन पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि बायोमैट्रिक प्रणाली का विरोध ड्यूटी से बचने की मानसिकता को दर्शाता है। इस पर यूनियन ने पलटवार करते हुए कहा कि असली मुद्दा श्रम कानूनों को कमजोर करने का प्रयास है और इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लागू किया जाना चाहिए।

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अगली सुनवाई में दोनों पक्ष पेश करेंगे दस्तावेजी प्रमाण

झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ ने स्पष्ट किया कि उसे बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसे औद्योगिक रोजगार स्थायी आदेश अधिनियम के तहत लागू किया जाना चाहिए। यूनियन का कहना है कि स्टैंडिंग ऑर्डर श्रमिकों को शोषण और अत्याचार से बचाने का महत्वपूर्ण कानूनी माध्यम है। अगली सुनवाई में यूनियन अपने समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करेगी, वहीं प्रबंधन पक्ष भी अपने साक्ष्य दाखिल करेगा। अब दोनों पक्षों के दस्तावेजी साक्ष्यों के बाद अंतिम बहस और कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ते हाथी आतंक के बीच विधायक के बयान पर उठा विवाद, स्थायी समाधान की मांग तेज

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जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक के बीच ईचागढ़ विधायक Savita Mahato का एक बयान विवादों में आ गया है। एक शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हाथी समस्या को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि “हाथियों के झुंड को बांधकर नहीं रख सकते हैं।” उन्होंने कहा कि जंगलों में हाथियों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण वे गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। विधायक ने यह भी कहा कि हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के मुआवजे की राशि बढ़ाने को लेकर उन्होंने विधानसभा में आवाज उठाई है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि हाथियों का आक्रमण किसी एक सरकार के समय की समस्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही स्थिति है।

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समाजसेवियों ने बयान को बताया गैर जिम्मेदाराना

विधायक के बयान के बाद स्थानीय समाजसेवियों और विस्थापित अधिकार मंच ने कड़ी नाराजगी जताई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से लोगों को ठोस समाधान की उम्मीद होती है, लेकिन इस तरह के बयान से ग्रामीणों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास भविष्य में हाथी-मानव संघर्ष रोकने की क्या योजना है। ग्रामीणों ने कहा कि हर वर्ष हाथियों के कारण घर टूट रहे हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है, ऐसे में केवल मुआवजा देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। लोगों का कहना है कि सरकार को हाथी कॉरिडोर बहाल करने, जंगलों में भोजन और पानी की व्यवस्था करने तथा गांवों में स्थायी क्विक रिस्पांस टीम तैनात करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

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कुकड़ू और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा हाथियों का खतरा

चांडिल बांध विस्थापित क्षेत्र के कुकड़ू, ईचागढ़ और चांडिल प्रखंड में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कुकड़ू के आदरडीह चौका गांव में जंगली हाथी ने ग्राम प्रधान गुरुपद गोप के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसमें उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इसके अलावा गुरुवार रात लेटेमदा रेलवे स्टेशन के समीप गणेश मंदिर के पास हाथी ने ग्रामीण उत्तम महतो के मकान को पूरी तरह तोड़ दिया। हाथी ने घर की दीवारें ध्वस्त कर अंदर रखा अनाज भी नष्ट कर दिया। हालांकि परिवार के सदस्य समय रहते घर से बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

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रातभर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण, समाधान की मांग तेज

लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि हर रात गांवों में हाथियों की आवाजाही होती है, जिसके कारण वे पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। हाथियों के डर से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और राज्य सरकार से हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है। विस्थापित अधिकार मंच ने कहा कि केवल बयानबाजी और मुआवजे की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी ताकि ग्रामीण सुरक्षित जीवन जी सकें।

Jamshedpur : समाजसेवी रानी गुप्ता की पहल से दहेज प्रताड़ना पीड़िता को मिला न्याय

प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद रोशनी कुमारी को ससुराल में सुरक्षा के साथ रहने की व्यवस्था जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर :

  • प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद रोशनी कुमारी को ससुराल में सुरक्षा के साथ रहने की व्यवस्था

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के भुइंयाडीह स्थित ग्वाला बस्ती निवासी प्रभा देवी एवं उनकी पुत्री रोशनी कुमारी ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से परेशान होकर समाजसेवी Rani Gupta के आवासीय कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता रोशनी कुमारी ने बताया कि उनका विवाह 6 फरवरी 2023 को सिदगोड़ा सूर्य मंदिर स्थित सोन मंडप में हिंदू रीति-रिवाज से कौटिल्य नामक युवक के साथ हुआ था। विवाह के शुरुआती दिनों में पति-पत्नी के संबंध अच्छे रहे और दोनों बेंगलुरु में साथ रहे, लेकिन बाद में दहेज की मांग और पारिवारिक हस्तक्षेप के कारण विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि सास एवं ससुर लगातार मानसिक प्रताड़ना देते थे और बहू को परिवार से अलग करना चाहते थे।

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पीड़िता ने मारपीट और दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

रोशनी कुमारी के अनुसार, जब वह अपने ससुराल पहुंची और सम्मानपूर्वक पैर छूने का प्रयास किया, तब उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई, घर की बिजली बंद कर दी गई और उसे कमरे में बंद कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजसेवी रानी गुप्ता ने तत्काल पुलिस प्रशासन, महिला थाना, बिष्टुपुर थाना, सीनियर एसपी एवं सिटी एसपी को पूरी जानकारी दी। साथ ही टाटा स्टील प्रबंधन को भी अवगत कराया गया कि उनके क्वार्टर में महिला प्रताड़ना की घटना हो रही है।

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प्रशासन की पहल से मिली सुरक्षा, समाज को दिया संदेश

प्रशासनिक हस्तक्षेप और समाजसेवी रानी गुप्ता की पहल के बाद रोशनी कुमारी को सुरक्षित रूप से उसके ससुराल में रहने की व्यवस्था कराई गई। रानी गुप्ता ने कहा कि आज भी समाज में महिलाएं दहेज और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केवल “नारी शक्ति” की बात करने से बदलाव नहीं आएगा, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने प्रशासन एवं सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जा सकता है।

Jamshedpur : एनआईटी जमशेदपुर में ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ, डिजिटल प्रशासन को मिलेगा बढ़ावा

डिजिटल इंडिया मिशन के तहत कागजरहित एवं पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर

  • डिजिटल इंडिया मिशन के तहत कागजरहित एवं पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित National Institute of Technology Jamshedpur में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित तथा RailTel Corporation of India के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान को पूर्णतः कागजरहित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित प्रशासनिक व्यवस्था की ओर अग्रसर करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ई-ऑफिस प्रणाली का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार, प्रभारी कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी, उपनिदेशक, अधिष्ठाता, वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

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प्रशासनिक कार्यों में आएगी पारदर्शिता और गति

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से संस्थान में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रशासनिक कार्य अधिक प्रभावी और त्वरित होंगे। वहीं प्रभारी कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी ने इसे संस्थान को पूर्णतः डिजिटल एवं कागजरहित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। ई-ऑफिस डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की एक अहम पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों में फाइल प्रबंधन, पत्राचार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सरल और व्यवस्थित बनाना है। यह प्रणाली देशभर के कई केंद्रीय संस्थानों में पहले से सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है।

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कोर कमेटी और तकनीकी टीम की रही अहम भूमिका

एनआईटी जमशेदपुर में ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन में संस्थान की समर्पित कोर कमेटी और तकनीकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. कौशलेंद्र कुमार सिंह ने फैकल्टी इंचार्ज के रूप में परियोजना का नेतृत्व किया, जबकि डॉ. दीपक राय ने सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में समन्वय संभाला। तकनीकी संचालन में रवि रंजन, गिरजा नंद अर्का और विभास कुमार सिन्हा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं प्रशासनिक समन्वय में प्रभांशु कुमार और राजर्षि भद्र की भूमिका सराहनीय रही। संस्थान को उम्मीद है कि ई-ऑफिस लागू होने के बाद प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुव्यवस्थित, एकीकृत और प्रभावी बनेंगी तथा आधुनिक डिजिटल प्रशासन को नई मजबूती मिलेगी।

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टाटा मेन हॉस्पिटल द्वारा आयोजित समारोह में नर्सिंग पेशे की सेवा भावना और समर्पण को मिली सराहना जेबी लाइव, रिपोर्टर

  • टाटा मेन हॉस्पिटल द्वारा आयोजित समारोह में नर्सिंग पेशे की सेवा भावना और समर्पण को मिली सराहना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में Tata Steel के टाटा मेन हॉस्पिटल द्वारा सोनारी स्थित बिंदल मॉल में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सों की समर्पण भावना, संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करना था। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य – सशक्त नर्सें स्वस्थ भविष्य की नींव हैं” रखी गई थी। समारोह की शुरुआत सुरक्षा घोषणा और आकर्षक उद्घाटन नृत्य प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। स्वागत संबोधन नर्सिंग हेड अनंतवर्षेणी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें नर्सों की भूमिका और सेवा भावना को रेखांकित किया गया।

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दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अक्षय खुल्लर, वाइस प्रेसिडेंट – इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट्स, डॉ. विनीता सिंह, जीएमएमएस तथा टाटा वर्कर्स यूनियन के जेनरल सेक्रेटरी सतीश कुमार सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जो सेवा, आशा और नर्सिंग पेशे के प्रति समर्पण का प्रतीक बना। अपने संबोधन में अतिथियों ने नर्सिंग समुदाय की अथक मेहनत, समर्पण और करुणा की सराहना की। इस अवसर पर लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, समूह नृत्य, नाटक, गीत एवं काव्य प्रस्तुति जैसे विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्होंने नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया।

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नर्सों के सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पर जोर

समारोह के दौरान मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए नर्सों के निरंतर प्रशिक्षण, टीमवर्क, व्यावसायिक विकास और सहयोगात्मक कार्य वातावरण के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त नर्सें ही बेहतर और स्वस्थ समाज की मजबूत आधारशिला हैं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजन समिति, प्रबंधन, प्रतिभागियों और सभी नर्सिंग पेशेवरों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन नर्सिंग पेशे की दृढ़ता, सेवा भावना और मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।

Seraikela : कुकड़ू में हाथियों का आतंक जारी, जंगली हाथी ने तोड़ा ग्रामीण का घर

लेटेमदा गांव में रात के समय हाथी का हमला, ग्रामीणों में दहशत का माहौल जेबी लाइव, रिपोर्टर सरायकेला : सरायकेला-खरसावां

  • लेटेमदा गांव में रात के समय हाथी का हमला, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार रात करीब 9 बजे लेटेमदा रेलवे स्टेशन के समीप गणेश मंदिर के पास एक जंगली हाथी ने ग्रामीण उत्तम महतो के मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार हाथी अचानक गांव में घुस आया और घर की दीवारें तोड़ते हुए अंदर रखा अनाज भी बर्बाद कर दिया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, लेकिन समय रहते बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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ग्रामीणों ने वन विभाग से की स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि कुकड़ू प्रखंड में पिछले कई दिनों से हाथियों की लगातार आवाजाही हो रही है, जिससे लोग हर रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। हाथियों द्वारा फसल, मकान और अन्य संपत्ति को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। घटना की सूचना चांडिल वन विभाग को दे दी गई है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए स्थायी दस्ता तैनात करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

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