चीन में होने वाली एशियाई जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप से पहले खिलाड़ियों का सम्मान, डीआईजी रमेश कुमार ने बढ़ाया हौसला
पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोहम्मद हाकीम ने साझा किए अनुभव और रणनीति
विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को जमशेदपुर में दिया जा रहा अंतिम प्रशिक्षण
मनीष सिन्हा और डॉ. हसन इमाम के नेतृत्व में जारी है अंतिम तैयारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा की धरती बुधवार को एक ऐतिहासिक खेल क्षण की साक्षी बनी, जब लगभग 70 वर्षों में पहली बार भारतीय जूनियर हैंडबॉल टीम का आगमन यहां हुआ। एशियाई पुरुष जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप-2026 में भाग लेने जा रही भारतीय टीम का सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र, जादूगोड़ा में भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों को जमशेदपुर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीआरपीएफ की निगरानी में जादूगोड़ा लाया गया। ग्रुप केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक रमेश कुमार ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय टीम अनुशासन, समर्पण, खेल भावना और टीमवर्क के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरने का संदेश दिया।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

समारोह के दौरान डीआईजी रमेश कुमार ने बताया कि ग्रुप केंद्र, सीआरपीएफ जमशेदपुर में पदस्थापित एएसआई/जीडी मोहम्मद हाकीम, जो स्वयं अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं, ने टीम को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने खिलाड़ियों को तकनीकी कौशल, मैच रणनीति, मानसिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की चुनौतियों से निपटने के गुर बताए। कार्यक्रम में टीम के कोच एवं कप्तान मनीष सिन्हा, हेड ऑफ स्पोर्ट्स डिवीजन टाटा स्टील, तथा पूर्व भारतीय हैंडबॉल कोच डॉ. हसन इमाम को भी अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों और अधिकारियों को सीआरपीएफ के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा पर आधारित प्रेरणादायी वृत्तचित्र भी दिखाया गया, जिससे उनमें देशभक्ति और बेहतर प्रदर्शन का उत्साह बढ़ सके। समारोह में डीआईजी मेडिकल डॉ. उर्मिला गारी, कमांडेंट पंकज सिंह, सीएमओ डॉ. मीना नवीन, उप कमांडेंट नीरज कुमार, पवन कुमार, सहायक कमांडेंट मोहम्मद हनीफ, जफर आलम मकसूद सहित अनेक अधिकारी, जवान और खेल प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
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लखनऊ चयन शिविर से चुने गए देश के 24 प्रतिभाशाली खिलाड़ी
चीन के चूझोऊ शहर में 15 से 27 जुलाई तक आयोजित होने वाली एशियाई पुरुष जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम का चयन राष्ट्रीय स्तर पर लखनऊ में आयोजित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से 24 खिलाड़ियों को अंतिम टीम में जगह मिली। गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, ओडिशा, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों के खिलाड़ियों का चयन किया गया है। वर्तमान में सभी खिलाड़ी जमशेदपुर स्टेडियम में विशेष प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं, जहां अनुभवी कोचों की निगरानी में उनकी तकनीकी और शारीरिक तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। टीम प्रबंधन का मानना है कि इस बार भारतीय टीम के पास एशियाई स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है और खिलाड़ी लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
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13 जुलाई को चीन रवाना होगी भारतीय टीम, पदक जीतने का लक्ष्य
भारतीय जूनियर हैंडबॉल टीम 13 जुलाई को जमशेदपुर से चीन के लिए रवाना होगी। रवाना होने से पहले टीम के कोच मनीष सिन्हा और डॉ. हसन इमाम के नेतृत्व में खिलाड़ियों का अभ्यास सत्र जारी रहेगा। 24 सदस्यीय भारतीय टीम में राजस्थान के महेंद्र पाल सिंह, मनीष ठक्कर, वरन जोत सिंह और यशपाल सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के सूर्यांश अवस्थी, अनीस यादव, मनीष यादव, वैभव सिंह, रिश राज धुरव और निहाल सिंह, हरियाणा के शकील, रवि, दीक्षांत और जतिन कुमार, गुजरात के चावदा बीरू दया, पंजाब के पारस चड्ढा, तेलंगाना के साईं चरण रेड्डी और मायानी गौरव, हिमाचल प्रदेश के सूरज गौतम और सुजल कुमार, ओडिशा के सुप्रजीत बेहरा, कर्नाटक के अभिषेक हनुमंता, चंडीगढ़ के मलकीत सिंह तथा तमिलनाडु के मुहम्मद फैजल शामिल हैं। खेल प्रेमियों और खेल संगठनों को उम्मीद है कि यह टीम चीन में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए गौरव हासिल करेगी और भारतीय हैंडबॉल को नई पहचान दिलाएगी।























