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Jadugoda : मुक्तिधाम फाउंडेशन ने भाटिन गांव में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन

  • ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए छह सिलाई मशीनें सौंपी गईं, जून से चलेगा ‘हर घर-एक पौधा’ अभियान
  • जून से शुरू होगा ‘हर घर-एक पौधा’ अभियान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा क्षेत्र के पोटका प्रखंड अंतर्गत भाटिन गांव में मुक्तिधाम फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए छह सिलाई मशीनें भी उपलब्ध कराई गईं। सिलाई मशीन मिलने से महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम में फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक अमित प्रसाद सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं सिलाई कार्य के माध्यम से अपने परिवार की आजीविका बेहतर ढंग से चला सकेंगी और आत्मनिर्भर बनेंगी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरस्वती मुर्मू ने किया।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल

कार्यक्रम के दौरान अमित प्रसाद सिंह ने संस्था की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जून के प्रथम सप्ताह से ‘हर घर-एक पौधा’ अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान जमशेदपुर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस मौके पर मुक्ति धाम फाउंडेशन के कार्यकारी निर्देशक अमित कुमार, अध्यक्ष अनुपम सिंह, सुबोध कुमार साहू, बजरंग करुआ, राकेश गोंद, निवारण महतो और प्रदीप कर्मकार समेत कई लोग उपस्थित रहे। ग्रामीण महिलाओं ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

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Jamshedpur : जमशेदपुर में सिविल डिफेंस द्वारा विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन

बीपीएम +2 हाई स्कूल बर्मामाइंस में छात्रों को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का दिया गया प्रशिक्षण स्कूलों में मॉक

  • बीपीएम +2 हाई स्कूल बर्मामाइंस में छात्रों को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का दिया गया प्रशिक्षण
  • स्कूलों में मॉक ड्रिल से बढ़ेगी आपदा तैयारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में सिविल डिफेंस, पूर्वी सिंहभूम एवं बीपीएम +2 हाई स्कूल बर्मामाइंस के संयुक्त तत्वावधान में विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था। सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अरुण कुमार और प्रधान सहायक सुरेश प्रसाद ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना मुख्य लक्ष्य है। मॉक ड्रिल के दौरान प्रशिक्षित वॉलंटियर्स ने फायर सेफ्टी, रेस्क्यू ऑपरेशन और कैजुअल्टी ट्रांसपोर्टेशन का लाइव डेमो प्रस्तुत किया, जिससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव मिल सके।

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जमशेदपुर में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान

कार्यक्रम में बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपात स्थिति में आत्मविश्वास और तत्परता बढ़ती है। आयोजकों ने कहा कि सिविल डिफेंस समाज में सुरक्षा और जागरूकता फैलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मॉक ड्रिल को सफल बनाने में सिविल डिफेंस के प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और स्कूल प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्कूल परिसर में आयोजित इस अभ्यास के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बचाव कार्यों की बारीकियों को समझा।

Potka : झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने वेतन भुगतान और जनगणना कार्य से राहत की उठाई मांग

दो माह से वेतन लंबित होने पर शिक्षकों ने डीईओ से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की शिक्षकों ने

  • दो माह से वेतन लंबित होने पर शिक्षकों ने डीईओ से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की
  • शिक्षकों ने प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग की

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका में झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्यों और विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) से मुलाकात कर दो माह से लंबित वेतन भुगतान की मांग उठाई। शिक्षकों ने बताया कि ट्रेजरी में आई तकनीकी/वित्तीय समस्या के कारण वेतन निकासी बाधित है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। कई शिक्षकों को घरेलू खर्च चलाने के लिए कर्ज लेने की स्थिति बन गई है। प्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार वेतन न मिलने से दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो गया है और जल्द समाधान जरूरी है।

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वेतन संकट से जूझ रहे शिक्षकों ने जताई नाराजगी

संघ के प्रतिनिधियों ने डीईओ से यह भी मांग की कि जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों को विद्यालयी दायित्वों से मुक्त रखा जाए, ताकि दोनों कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस दौरान संघ के कार्यकारी अध्यक्ष शशिकांत सिंह, कोषाध्यक्ष बिट्टू सोनकर, मीडिया प्रभारी अमरनाथ शर्मा, उपाध्यक्ष मोना भूमिज, संरक्षक रीना कुमारी और सुबोध कुमार सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शिक्षकों ने प्रशासन से अपील की कि लंबित वेतन का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

Patna : पटना में विकास परियोजनाओं की सौगात, अपराधियों को सीएम सम्राट चौधरी की कड़ी चेतावनी

मंदिरी नाला सड़क उद्घाटन से लेकर कानून-व्यवस्था तक मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, 48 घंटे में कार्रवाई का दावा पटना में

  • मंदिरी नाला सड़क उद्घाटन से लेकर कानून-व्यवस्था तक मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, 48 घंटे में कार्रवाई का दावा
  • पटना में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : पटना में मंदिरी नाले पर बनी नई फोरलेन सड़क के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में विकास और कानून-व्यवस्था दोनों को लेकर बड़ा संदेश दिया। इस मौके पर नितिन नवीन और उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सड़क को “नवीन किशोर सिन्हा पथ” नाम दिए जाने की घोषणा की, जो वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा की स्मृति में रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान है और अब यह इलाका पटना की ट्रैफिक और जलजमाव की समस्या से काफी हद तक मुक्त होगा।

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पटना में नई सड़क से यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरी नाला क्षेत्र लंबे समय से जलजमाव और जाम की समस्या से जूझ रहा था, लेकिन नई सड़क के निर्माण से लाखों लोगों को राहत मिलेगी। इस सड़क से लोग अब आसानी से इनकम टैक्स गोलंबर से जेपी गंगा पथ तक पहुंच सकेंगे। साथ ही पीएमसीएच, एनएमसीएच, गायघाट, कंगनघाट और दीदारगंज जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंचना भी आसान होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की नींव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में रखी गई थी, जिसे अब तेजी से पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बिहार में सुशासन और विकास की निरंतरता का उदाहरण है।

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मंदिरी नाला परियोजना से पटना को मिलेगी बड़ी राहत

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 31 मार्च 2027 तक इस सड़क को सीधे मरीन ड्राइव यानी जेपी गंगा पथ से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पटना को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत पाटलिपुत्र क्षेत्र में नया टाउनशिप विकसित किया जाएगा और हरिहरनाथपुर क्षेत्र में भी शहरी विस्तार की योजना पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में पटना देश के प्रमुख विकसित शहरों में शामिल होगा और यहां बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।

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पटना के शहरी विकास को नई गति देने की योजना

कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री का बयान सबसे अधिक चर्चा में रहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मैंने पुलिस का हाथ खोल दिया है” और अब किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे अपराधी किसी भी जाति या धर्म का हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि कोई पुलिस को चुनौती देता है तो उसके खिलाफ 48 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को नालों की सफाई और जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए भी निर्देश दिए और कहा कि बारिश से पहले सभी तैयारियां पूरी होनी चाहिए।

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बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने आगे कई बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जल्द ही दीदारगंज-राघोपुर पुल का उद्घाटन किया जाएगा। सोनपुर में नया एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि पटना एयरपोर्ट को भी आधुनिक रूप दिया जा रहा है। उन्होंने पटना में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की भी घोषणा की, जिससे शहर के यातायात ढांचे में नया बदलाव आएगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीन किशोर सिन्हा की प्रतिमा भी जल्द स्थापित की जाएगी और यह सड़क राजधानी के विकास की नई दिशा तय करेगी। उन्होंने पटना वासियों को इस नई सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं।

Patna : बिहार में नई व्यवस्था: अब 1100 हेल्पलाइन पर शिकायत, 30 दिनों में समाधान का दावा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन की शुरुआत, डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम बिहार में डिजिटल

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन की शुरुआत, डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम
  • बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पटना : पटना में बिहार सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संवाद भवन में ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और ‘सहयोग पोर्टल’ का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना और घर बैठे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता की समस्याओं का समाधान तेज गति से होगा।

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बिहार सरकार की नई डिजिटल शिकायत प्रणाली की शुरुआत

नई व्यवस्था के तहत अब नागरिक बिजली, पानी, सड़क, राशन, पेंशन, जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी या किसी भी विभाग से जुड़ी शिकायत सीधे सहयोग पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। जो लोग ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं कर सकते, वे हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक सक्रिय रहेगी। कॉल के दौरान अधिकारी शिकायत दर्ज करेंगे और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जहां सरकारी कार्यालयों तक पहुंच कठिन होती है।

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हेल्पलाइन 1100 से आम लोगों को बड़ी राहत की उम्मीद

ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने पर आवेदक को एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की स्थिति को ट्रैक कर सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जाएगी और उसे 30 दिनों के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा। समाधान के बाद आवेदक को लिखित सूचना भी दी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां लोग सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख सकेंगे। सरकार का दावा है कि मौके पर ही कई शिकायतों का समाधान संभव होगा, जिससे जनता को त्वरित राहत मिलेगी।

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30 दिन में शिकायत समाधान का नया नियम लागू

सरकार ने इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करना बताया है। आधिकारिक वेबसाइट sahyog.bihar.gov.in के माध्यम से लोग अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, विभाग चयन और समस्या का विवरण भरना होगा। आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेज और फोटो भी अपलोड किए जा सकते हैं। शिकायत सबमिट होते ही रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा, जिससे ऑनलाइन स्थिति देखी जा सकेगी। सरकार का दावा है कि यह पहल न केवल समय की बचत करेगी बल्कि सरकारी विभागों की कार्यशैली में भी सुधार लाएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद करेगी।

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ऐसे दर्ज करें शिकायत

  • सबसे पहले मोबाइल या कंप्यूटर में
  • sahyog.bihar.gov.in
  • वेबसाइट खोलनी होगी।
  • इसके बाद अपना नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी भरनी होगी।
  • फिर जिस विभाग से शिकायत जुड़ी है, उसे चुनकर अपनी समस्या लिखनी होगी।
  • जरूरत पड़ने पर दस्तावेज या फोटो भी अपलोड किए जा सकते हैं।
  • शिकायत सबमिट होते ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिससे लोग अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।

Ghatsila : झारखंड मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ता सुजय सिंह की माता जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा

घाटशिला में आयोजित अशोक सभा अनुष्ठान में नेताओं ने दी श्रद्धांजलि घाटशिला में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन जेबी लाइव,

  • घाटशिला में आयोजित अशोक सभा अनुष्ठान में नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
  • घाटशिला में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला में झारखंड मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ता सुजय सिंह की माता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर अशोक सभा अनुष्ठान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में झामुमो के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर पूर्व विधायक कुणाल सारंगी, जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन, जगदीश भगत, काजल, विकास मजूमदार, चंचल सरकार, सागर पानी और भागीरथ राहुल सहित कई नेता मौजूद रहे। सभी ने सुजय सिंह एवं बंटी सिंह की माता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व एवं योगदान को याद किया।

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श्रद्धांजलि सभा में झामुमो नेताओं की बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम में झामुमो जिला सह सचिव रतन महतो एवं जिला सचिव मोहम्मद जलाल भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का माहौल भावनात्मक और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके जीवन मूल्यों को याद करते हुए समाज सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं।

New Delhi : सोने की कीमतों में गिरावट, पीएम मोदी की अपील और वैश्विक तनाव से बाजार में हलचल

गोल्ड-सिल्वर रेट में उतार-चढ़ाव, निवेशकों में बढ़ी चिंता, क्या आगे और सस्ता होगा सोना? सोना खरीदने का सही समय या

  • गोल्ड-सिल्वर रेट में उतार-चढ़ाव, निवेशकों में बढ़ी चिंता, क्या आगे और सस्ता होगा सोना?
  • सोना खरीदने का सही समय या इंतजार करना बेहतर?

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : सोना-चांदी के बाजार में इन दिनों भारी हलचल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील के बाद घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। देशभर में लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आने वाले दिनों में सोना और सस्ता होगा या फिर इसमें फिर से तेजी आएगी। एक ओर वैश्विक संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर सोने में निवेश को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। MCX और सर्राफा बाजार दोनों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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सोने की कीमतों में गिरावट से निवेशकों की नजर बाजार पर

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 तक भारत के पास करीब 880.52 मीट्रिक टन सोने का भंडार मौजूद है, जिसमें से लगभग 680 टन देश के वॉल्ट्स में रखा गया है और करीब 197.67 टन विदेशों में सुरक्षित है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी सोने और कच्चे तेल की जरूरतों के लिए काफी हद तक विदेशों पर निर्भर है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट रेनू अरोड़ा के अनुसार, गैर-जरूरी सोने की खरीद कम करने से देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव घटेगा और अर्थव्यवस्था अधिक स्थिर बनेगी। इस बीच बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का उद्देश्य आयात कम कर व्यापार घाटे को नियंत्रित करना है।

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भारत के सोना भंडार और आयात नीति पर बढ़ी चर्चा

कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता, सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है। अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद COMEX पर सोना 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब 4,678 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी लगभग 80 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही। डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है।

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वैश्विक तनाव से सोना-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव

ज्वेलरी बाजार और संबंधित शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगी। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और डॉलर मजबूत रहता है तो सोने की कीमतों में और गिरावट संभव है, जबकि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर इसमें फिर से तेजी भी आ सकती है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

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