स्थायी आदेश में संशोधन किए बिना व्यवस्था लागू करने का लगाया आरोप
श्रमिक संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा में सेल प्रबंधन द्वारा बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन ने बिना आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए इस व्यवस्था को जल्दबाजी में लागू कर दिया। संगठनों का कहना है कि इंडस्ट्रियल एंप्लॉयमेंट (स्टैंडिंग ऑर्डर) एक्ट, 1946 के तहत किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले स्थायी आदेश में संशोधन, प्रमाणन अधिकारी की स्वीकृति तथा श्रमिक संगठनों की सहमति लेना अनिवार्य होता है। लेकिन बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करते समय इन नियमों की अनदेखी की गई। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है और कई श्रमिक संगठनों ने इसे कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बताया है।
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बायोमीट्रिक व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में बढ़ी नाराजगी
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि यह कदम श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है और इससे श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रणाली के पीछे प्रबंधन का कोई छिपा एजेंडा हो सकता है। संगठन ने खदानों में प्रस्तावित तकनीकी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्थायी आदेश के दायरे में नहीं आता। चारों खदानों के कर्मचारियों का समर्थन संगठन को मिल रहा है और मामले को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है। मामला अब अदालत में पहुंच चुका है और संगठन ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

























