18 गांवों के ग्रामीणों ने यूसिल प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : Uranium Corporation of India Limited की तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट में 10 विस्थापित एवं प्रभावित ठेका कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में सोमवार शाम 18 गांवों के ग्रामीणों ने तुरामडीह गांव में बैठक कर जोरदार प्रदर्शन किया। बैठक की अगुवाई झामुमो जिला मुख्य संयोजक Baghray Mardi, सामाजिक कार्यकर्ता सौमाय टुडू, छोटे सोरेन, झानू दिग्गी और मंगल सोरेन ने की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन विस्थापित परिवारों की लगातार अनदेखी कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जिन लोगों की जमीन पर परियोजना स्थापित की गई, उन्हीं विस्थापितों और प्रभावित मजदूरों को नौकरी से हटाया जा रहा है। इसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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दो दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो माइंस गेट जाम करने की चेतावनी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने यूसिल प्रबंधन को दो दिनों के भीतर हटाए गए विस्थापित ठेका कर्मियों को वापस काम पर रखने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो माइंस गेट जाम कर जोरदार आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण झानू दिग्गी ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन दलालों के माध्यम से बाहरी लोगों को अकुशल कार्यों में नियोजन दे रहा है, जबकि स्थानीय विस्थापितों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण झांनू देवी ने कहा कि केरूआ, डुगरी पुड़ीहासा, बयांगबिल, तुरामडीह, नंदूप और तालसा सहित कई गांवों की जमीन परियोजना के लिए दी गई थी, लेकिन अब उन्हीं गांवों के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। ग्रामीणों ने नियोजन के नाम पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया और कंपनी प्रबंधन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।























